कोरोना काल में लंबे अंतराल के बाद टीम इंडिया पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया में मौजूद है। भारतीय टीम को यहां मजबूत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीनों फॉर्मेट में मैच खेलने हैं। ऐसे में दो महीने के इस लंबे दौरे के लिए उसके सामने खिलाड़ियों की फिटनेस बहुत बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए बीसीसीआई अपने प्रमुख गेंदबाजों जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए योजना बना रही है।
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शमी-बुमराह
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बीसीसीआई के सूत्रों के मुताबिक बुमराह और शमी का कार्यभार प्रबंधन मुख्य कोच रवि शास्त्री और गेंदबाजी कोच भरत अरुण के लिए सर्वोपरि है। ऐसे में भारत के दोनों मुख्य गेंदबाज बुमराह और शमी के ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों के छह मैचों में एक साथ खेलने की संभावना कम है। टीम प्रबंधन उन्हें 17 दिसंबर से शुरू होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए तैयार रखना चाहता है। बोर्ड के सूत्र ने कहा, ‘यदि दोनों प्रमुख गेंदबाज टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में खेलते हैं, तो उन्हें टेस्ट अभ्यास के लिए एक ही मैच मिलेगा, मुझे नहीं लगता कि टीम प्रबंधन ऐसा चाहेगा।’
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शमी और बुमराह
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भारतीय टीम के दो महीने के दौरे की शुरूआत 27 नवंबर से तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला से होगी। इसके बाद टीम को इतने ही मैचों की टी-20 श्रृंखला खेलनी है। सीमित ओवरों की इन श्रृंखलाओं के मैच सिडनी और कैनबरा में खेले जाएंगे। टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम का पहला अभ्यास मैच छह से आठ दिसंबर के बीच खेला जाएगा। इस दौरान भारतीय टीम को आखिरी के दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय (छह और आठ दिसंबर) मैच भी खेलने हैं।
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मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा
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इशांत शर्मा की चोट की स्थिति अभी साफ नहीं है जिससे बुमराह और शमी दोनों भारतीय टेस्ट अभियान के लिए काफी अहम होंगे। ऐसे में टीम प्रबंधन 12 दिनों के अंदर सीमित ओवरों के छह मैचों में इन दोनों को एक साथ मैदान में उतारकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा। इस बात की संभावना अधिक है कि सीमित ओवरों की श्रृंखला के दौरान शमी और बुमराह को एक साथ टीम में शामिल नहीं किया जाए।
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मोहम्मद शमी
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एक संभावना यह हो सकती है कि दोनों एकदिवसीय मैचों में खेले जहां उनके पास 10 ओवर गेंदबाजी करने का मौका होगा। एकदिवसीय के बाद वे टेस्ट मैचों में खेले। शमी को गुलाबी गेंद (दिन-रात्रि टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली गेंद) से अभ्यास करते भी देखा गया है जिससे उनकी प्राथमिकता का पता चलता है।