क्रिकेट की पिच से दूर होते ही पहले खिलाड़ी कमेंटेटर या कोच की भूमिका निभाते नजर आते थे, लेकिन पिछले कुछ दशकों में इस ट्रेंड में गजब का बदलाव देखने को मिला है। अब क्रिकेटर्स खेल से दूर होते ही राजनीति में हाथ आजमाने उतर आते हैं। ताजा उदाहरण हरभजन सिंह का है। अपनी फिरकी के दम पर टीम इंडिया को कई मैच जिताने वाले भज्जी ने हाल ही में पॉलिटिक्स में उतरने की इच्छा जताई है।
दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान 'टर्बनेटर' ने पॉलिटिक्स में एंट्री के सवाल पर बयान देते हुए कहा कि मैं पंजाब के लोगों के लिए कुछ करना चाहता हूं। अगर कोई पार्टी मुझे ऑफर करती हैं तो राजनीति में जरूर आऊंगा और प्रदेश के विकास के लिए काम करना चाहूंगा। तो चलिए हम आपको बतातें हैं ऐसे भारतीय खिलाड़ियों के बारे में जो क्रिकेटर बनने के बाद नेता बने और फिर उनका काम कैसा रहाः
नवजोत सिंह सिद्धू
क्रिकेट छोड़ने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू कभी क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में नजर आते तो कभी राजनेता का रूप धर लेते। इंटरनेशनल क्रिकेट में 7,000 से ज्यादा रन बनाने वाले सिद्धू ने 2004 में राजनीति में कदम रखा और बीजेपी की टिकट पर लोकसभा चुनाव भी जीता। पंजाब में बीते विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सिद्धू ने बीजेपी से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
मोहम्मद अजहरूद्दीन
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मोहम्मद अजहरूद्दीन
- फोटो : The indian express
'कलाई के जादूगर' के नाम से मशहूर पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने भी क्रिकेट के बाद राजनीति के मैदान पर कदम रखा। अजहर ने कांग्रेस की टिकट से उप्र के मुरादाबाद से लोकसभा का चुनाव बड़े अंतर से जीता था, हालांकि 2014 आम चुनावों में 'मोदी लहर' के बीच वह भी अपनी सीट बचाने में नाकामयाब रहे।
चेतन चौहान
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चेतन चौहान
- फोटो : अमर उजाला
1969 में भारत के लिए अपना पहला टेस्ट मैच खेलने वाले चेतन चौहान ने भी खेल को अलविदा कहने के बाद राजनीतिक पारी शुरू की। 1981 में अर्जुन पुरस्कार जीतने वाले चेतन ने बीजेपी का दामन थामा और वर्तमान में उप्र के अमरोहा से सांसद हैं।