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देश की इस यूनिवर्सिटी से Phd करनी अब आसान नहीं, कई नियमों में बड़ा बदलाव

Sun, 09 Jul 2017 07:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 09 Jul 2017 07:33 PM IST
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punjab university chandigarh changed phd enrollment rules
कॉलेज स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
देश की इस नामी यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने की सोच रहे हैं तो ये अब आसान नहीं होगा। यहां पर पीएचडी एनरोलमेंट के कई नियम बदल गए हैं, देखिए।
punjab university chandigarh changed phd enrollment rules
कॉलेज स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ ने यह गाइडलाइन जारी की। सिंडिकेट और सीनेट में पीएचडी के लिए नई गाइडलाइंस पास होने के बाद सभी विभागों में इसे लागू कर दिया गया है। इससे लंबे समय तक पीएचडी में लटके रहने वाले विद्यार्थियों पर अब लगाम लगेगी, क्योंकि अब दो साल से ज्यादा एक्सटेंशन नहीं ले पाएंगे। एक्सटेंशन भी बाकायदा 25 हजार रुपये सालाना फीस भरकर मिलेगी।
punjab university chandigarh changed phd enrollment rules
कॉलेज स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा अगर कोई विदेशी छात्र सीधे मंत्रालय से आता है तो उसे प्रवेश परीक्षा नहीं देना पड़ेगा। जबकि पहले से भारत में पढ़ रहे विदेशी छात्र को टेस्ट देना होगा। पीएचडी के लिए छह साल की अवधि सीमा तय की गई है। अगर छह साल में भी कोई पीएचडी नहीं कर पाया तो ज्यादा से ज्यादा दो साल की एक्सटेंशन दी जाएगी और इसके लिए फीस अदा करनी होगी।
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कॉलेज स्टूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
एक्सटेंशन भी तभी मिलेगी जब डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन से मंजूरी मिलेगी। एक्सटेंशन की अर्जी संबंधित विभाग के प्रमुख के मार्फत डीयूआई के पास जाएगी। आठ साल में भी अगर कोई पीएचडी पूरी नहीं कर पाया तो एनरोलमेंट स्वत: रद्द हो जाएगी। दरअसल पिछली बैठक में पीएचडी में कुछ बदलाव पर चर्चा हुई थी, जिन्हें पास कर दिया गया था।
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कॉलेज स्टूडेंट्स
महिलाओं को पीएचडी की पूरी अवधि के दौरान मैटरनिटी या चाइल्ड केयर लीव के तौर पर 240 दिन की छुट्टी मिल सकेगी, वह भी सिर्फ एक बार। इसके अलावा रिजर्व कैटगरी के कैंडिडेट के लिए 5 फीसदी कोटा एडमिशन के वक्त रहेगा। एंट्रेस एग्जाम और इंटरव्यू के बाद ही पीएचडी में एंरोलमेंट हो सकेगा। सभी विभागों में पत्र भेजकर नई गाइडलाइंस के साथ पीएचडी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 
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