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Exclusive: देश की इस नामी यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स के भविष्य से खिलवाड़ किया

Wed, 07 Jun 2017 01:12 PM IST
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विनीत तोमर/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Wed, 07 Jun 2017 01:12 PM IST
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mdu rohtak university closed four courses of MCom
परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स - फोटो : demo photo
देश की एक नामी यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ किया है। अब विद्यार्थी क्या करेंगे, कोई समाधान भी नजर नहीं आ रहा है।
mdu rohtak university closed four courses of MCom
परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स
मामला हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी का है। यूनिवर्सिटी ने एडमिशन प्रक्रिया से पहले सेल्फ फाइनेंस में एमकॉम के चार कोर्स शुरू किए। इसमें विद्यार्थियों ने आवेदन भी कर दिए। अब ऐन वक्त पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने संसाधनों के अभाव का हवाला देते चारों कोर्सों को बंद कर दिया। यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस कदम से न केवल संस्थान की छवि धूमिल हुई है, बल्कि विद्यार्थी भी अधर में लटक गए हैं।
mdu rohtak university closed four courses of MCom
परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, एमडीयू में कुछ दिन पहले सेल्फ फाइनेंस में एमकॉम के चार कोर्स शुरू किए गए थे। इसमें एमकॉम ऑनर्स पांच वर्षीय इंटीग्रेटिड, एमकॉम सेकंड शिफ्ट, एमकॉम फाइनेंशियल एनॉलिसिस और एमकॉम ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट कोर्स शामिल हैं। सेल्फ फाइनेंस के इन सभी कोर्सों में एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।
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mdu rohtak university closed four courses of MCom
परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स - फोटो : अमर उजाला
एमकॉम सेकेंड शिफ्ट में सेंट्रलाइज सिस्टम के तहत एडमिशन की जिम्मेदारी कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पास थी, जबकि बाकी कोर्सों में एमडीयू खुद एडमिशन कर रही है। इन सभी कोर्सों में काफी विद्यार्थी आवेदन कर फीस जमा भी करा चुके हैं, लेकिन अब एडमिशन प्रक्रिया के बीच में यूनिवर्सिटी प्रशासन बैकफुट पर आ गया। यूनिवर्सिटी ने अपने फैसले को वापस लेते हुए सेल्फ फाइनेंस के चारों कोर्सों को बंद करने का फैसला सुना दिया।
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परीक्ष्‍ाा, स्‍टूूडेंट्स
सोमवार को यूनिवर्सिटी अधिकारियों की बैठक हुई, जिसके बाद कोर्स बंद करने पर मुहर लगा दी गई। तर्क दिया गया है कि फिलहाल इन कोर्सों को चलाने के लिए पर्याप्त शिक्षक और संसाधन नहीं है। ऐसे में यह कोर्स बंद करना ही बेहतर होगा। कोर्स बंद करने के साथ ही यह निर्णय लिया गया कि जिन विद्यार्थियों ने इनमें आवेदन किया है वह चाहे तो दूसरे कोर्स में जा सकता है।
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