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JEE एडवांस के ऑल इंडिया सेकेंड टॉपर की 10 चौंकाने वाली बातें
टीम डिजिटल/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Mon, 13 Jun 2016 12:14 PM IST
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जेईई एडवांस का ऑल इंडिया सेकेंट टॉपर भावेश धींगड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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आज ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन एडवांस का रिजल्ट घोषित हुआ। इसके सेकेंड टॉपर यमुनानगर के भावेश का इंटरव्यू पढ़ेंगे तो चौंक जाएंगे।
जेईई एडवांस का ऑल इंडिया सेकेंट टॉपर भावेश धींगड़ा
- फोटो : अमर उजाला
17 साल के भावेश ढिंगरा यमुनानगर से हैं। उनके पिता का नाम इंद्रजीत और मां सविता हैं। उनकी दो बहनें हैं, रीचा और शालिनी। भावेश ने अपनी स्कूलिंग यमुनानगर से ही की। उसके बाद चंडीगढ़ में एलेन इंस्टीट्यूट के हॉस्टल में रहकर कोचिंग ले रहे थे कि यह सफलता मिली। भावेश के परिवार को उनकी इस सफलता पर फक्र है।
जेईई एडवांस का ऑल इंडिया सेकेंट टॉपर भावेश धींगड़ा
- फोटो : अमर उजाला
भावेश को कम्पयूटर से इतना लगाव था कि पहली क्लास में ही इसे चलाना सीख गए थे और दूसरी क्लास में उन्होंने हार्डवेयर ठीक करना सीखा। कंप्यूटर में उसकी रुचि को देखते हुए पिता ने घर में ही कंप्यूटर लगवा दिया था। भावेश की बहन रीचा और शालिनी ने बताया कि कंप्यूटर्स को लेकर उन तीनों का हमेशा झगड़ा होता था।
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जेईई एडवांस का ऑल इंडिया सेकेंट टॉपर भावेश धींगड़ा
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भावेश अब अपनी इस सफलता पर काफी खुश हैं। वे आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में एडमिशन लेना चाहता है। भावेश बताते हैं कि उन्होंने कभी किसी क्लास में टॉप नहीं किया, लेकिन वे हमेशा ग्रेड वन में रहे। भावेश फिजिक्स ओलिंपियाड जीत चुके हैं। भावेश को किशोर विज्ञान प्रोत्साहन योजना ऑल इंडिया में दसवीं रैंक मिली थी। भावेश ने नेशनल टेलेंट सर्च एग्जामिनेशन को क्लियर किया।
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जेईई एडवांस का ऑल इंडिया सेकेंट टॉपर भावेश धींगड़ा
- फोटो : अमर उजाला
भावेश कहते हैं कि रुचि से मन लगाकर पढ़ाई की जाए तो सफलता हासिल होती है। कई स्टूडेंट्स ज्यादा रेफ्रेंस बुक्स का सहारा लेते हैं जो कि गलत है। क्योंकि इससे कन्फ्यूजन ज्यादा होती है और स्कोर करने में दिक्कत आती है। उसने कहा कि रेफ्रेंस बुक्स उसने भी पढ़ी लेकिन जितनी जरूरी थी सिर्फ उतनी ही। मैं रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई करता था, लेकिन दिल लगाकर।