कैंपस में हुए गोलीकांड के बाद पीयू प्रशासन ने सोमवार से यूनिवर्सिटी में बाहरी वाहनों और बाहरी लोगों की एंट्री बैन कर दी है। सोमवार को पीयू के तीनों गेट पर पीयू सुरक्षा गार्ड ने हर आने जाने वाले को रोक कर उनके पहचान पत्र देखने के बाद ही पीयू में अंदर घुसने दिया। पीजीआई के सामने पीयू के गेट नंबर एक की तरफ से सिर्फ पीयू का स्टीकर लगे वाहनों को ही अंदर जाने दिया जा रहा था।
पंजाब यूनिवर्सिटी में अब सुरक्षा कड़ी, बाहरी वाहनों की 'नो एंट्री'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिना स्टीकर के वाहनों को पीयू के सुरक्षा कर्मी वही रोक रहे थे। उनके वाहन वही बाहर ही पार्क करवा कर आगे पैदल भेजा जा रहा था। बिना पार्किंग स्टीकर या पास के बाहर के वाहनों को अंदर दाखिल नही होने दिया। उन लोगों को अपने वाहन बाहर ही पार्क करने को कहा गया। पीयू ने पीयू में सुरक्षा के कड़े कदम उठाए गये है।
पीयू के रजिस्ट्रार कर्नल (रिटायर्ड) जी एस चड्ढ़ा ने बताया कि पीयू में बस शटल सर्विस शुरू हो चुकी है। जो बाहर अपने वाहन छोड़कर आ रहे है वो पीयू में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बस शटल सर्विस का इस्तेमाल कर सकते है। इससे जिन वाहनों पर पीयू पार्किंग का स्टीकर नही है वो अंदर नही जा पायेंगे और इस तरह आउटसाइडर वाहनों मे हथियार वगैरह पीयू में नही जा पायेंगे। ऐसी भी शिकायतें आई थी कि उसकी स्टीकरों की स्कैनिंग करके आउटसाइडर अपने वाहनों पर लगा लेते है इसकी रोकथाम के लिए नये डिजीटल स्टीकर दियें जायेंगे।
राजिस्ट्रार जी एस चड्ढा ने बताया कि जिसका जैसा काम होगा उस हिसाब से अलग अलग गेट से एंट्री होगी। जैसे की गेट नंबर एक विजीटर्स के लिए होगी। किसी काम से पीयू में आने वाले लोग इस गेट से एंट्री करेंगे। गेट नंबर दो से मार्केट, हेल्थ सेंटर में आने वाले लोगों के लिए होगा। गेट नंबर तीन से यहां रह रहे कर्मचारी, उनसे मिलने आने वाले रिश्तेदारों की एंट्री होगी।
पीयू प्रशासन जल्द स्टूडेंट सेंटर पर 50 नये कैमरे लगायेगा। रजिस्ट्रार का कहना है कि ये कि इनमें नाइट विजन कैमरे भी होंगे। ये सभी हाई रेजोल्यूशन कैमरे होंगे। ताकि वाहनों के नंबर आसानी पढें जा सके व रात के वक्त भी स्टूडेंट सेंटर पर गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। जी एस चड्ढा ने बताया कि पीयू में सिक्योरिटी गार्डों की कमी है। इस कमी को ही पूरा करने के लिए फैसला लिया गया है कि नये गार्डों को भर्ती की जायेगी। इससे उनके अपने सिक्योरिटी गार्ड अन्य विभागों व महत्वपूर्ण विभागों में लगाये जा सकेंगे।