देश के प्रमुख आठ शहरों में इस साल की पहली छमाही यानी जनवरी-जून के दौरान मकानों की बिक्री 54 फीसदी घटकर 59,538 इकाई रही। यह मकानों की बिक्री का 10 साल का निचला स्तर है।
संपत्ति सलाहकार नाइटफ्रैंक ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट कहा, मार्च के आखिरी सप्ताह से जारी लॉकडाउन के बाद से मांग में गिरावट आई है। 2019 की पहली छमाही में 1,29,285 मकान बिके थे। नाइटफ्रैंक इंडिया ने कहा, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे कोलकाता, चेन्नई, बंगलूरू, हैदराबाद व अहमदाबाद में जनवरी-मार्च में 27 फीसदी गिरावट के साथ 49,905 मकान बिके।
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- फोटो : Amar Ujala
अप्रैल-जून में यह गिरावट 84 फीसदी थी। कंपनी के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा, मांग घटने से 2020 की पहली छमाही में एनसीआर, पुणे व चेन्नई में मकानों के दाम क्रमश: 5.8 फीसदी, 5.4 फीसदी एवं 5.5 फीसदी घटे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में 73 फीसदी गिरावट...
2020 की पहली छमाही में दिल्ली-एनसीआर में 73 फीसदी कमी के साथ 5,446 मकान ही बिके। अहमदाबाद में यह गिरावट 69 फीसदी, चेन्नई में 67 फीसदी, बंगलूरू में 57 फीसदी, मुंबई में 45 फीसदी, पुणे में 42 फीसदी, हैदराबाद में 42 फीसदी और कोलकाता में 36 फीसदी रही।
नाइटफ्रैंक इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा, आर्थिक अनिश्चितता के कारण लोग मकान खरीदने जैसे बड़े निवेश से बच रहे हैं।