वैसे तो जनता के लिए कई सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं। लेकिन इन योजनाओं में से एक स्कीम ऐसी भी है जिससे करदाताओं का काफी लाभ मिल रहा है। कानूनी विवादों में फंसे लाखों कर मामलों से न सिर्फ करदाता वर्षों से मानसिक तनाव झेल रहे, बल्कि सरकार का भी करोड़ों रुपये का राजस्व फंसा हुआ है। ऐसे मामलों का तेजी से निपटान करने के लिए सरकार ने बजट 2020-21 में विवाद से विश्वास योजना का प्रस्ताव पेश किया था। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की अधिसूचना के अनुसार, विवाद से विश्वास योजना के तहत आप 31 दिसंबर 2020 तक घोषणा कर सकते हैं, लेकिन, उस घोषणा के संदर्भ में भुगतान 31 मार्च 2021 तक किया जा सकता है। आइए जानते हैं इससे आपको क्या फायदा होगा और आप कैसे इसका लाभ उठा सकते हैं।
साल 2020 के साथ ही खत्म हो जाएगी ये सरकारी योजना, जल्द उठाएं लाभ
इस योजना का मकसद लंबित कर विवादों का समाधान करना है। मालूम हो कि तमाम अदालतों में प्रत्यक्ष कर से जुड़े 9.32 लाख करोड़ रुपये के करीब 4.83 लाख मामले लंबित हैं। इस योजना के तहत करदाताओं को केवल विवादित टैक्स राशि का भुगतान करना होता है। उन्हें ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट मिलती है।
ऐसे करदाताओं को नहीं मिलेगी राहत
सरकार ने योजना में स्पष्ट किया था कि जिस आय का खुलासा नहीं किया गया अथवा जो संपत्ति भारत से बाहर स्थित है, उन पर चल रहे कर विवादों में इससे कोई राहत नहीं मिलेगी। इसके अलावा जिन मामलों में किसी निश्चित आकलन वर्ष के लिए फोरम या कोर्ट पहले ही फैसला सुना चुका है। उन्हें भी योजना का लाभ नहीं दिया जा सकेगा। साथ ही जिन लोगों के खिलाफ स्मगलिंग जैसे मामलों में हिरासत या गिरफ्तारी के आदेश जारी हो चुके हैं अथवा बेनामी संपत्ति के हस्तांतरण, धनशोधन, ड्रग्स या गैरकानूनी मामलों में कोई आदेश जारी किया गया है, उन्हें भी योजना के तहत शामिल नहीं किया जाएगा।
ऐसे होगा पूरा काम
- करदाता विवाद से विश्वास डेक्लेरेशन फॉर्म में सभी जरूरी जानकारियां भरकर फोरम में जमा कराएं।
- आयकर विभाग की ओर से 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा, जिसमें योजना के तहत कुल देय राशि का खुलासा होगा।
- करदाता को भुगतान किए जाने से संबंधित एक आदेश जारी कर दिया जाएगा।
- यह आदेश पूरी तरह निर्णात्मक होगा और इसे देश या विदेश की किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।