सरकार ने जनता को सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका दिया है। निवेशक आज से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) योजना के तहत बाजार मूल्य से काफी कम दाम में सोना खरीद सकते हैं। मालूम हो कि यह योजना सिर्फ पांच दिन के लिए (12 जुलाई से 16 जलाई तक) खुली है। इसलिए अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो देर न करें।
Sovereign Gold Bond: सरकारी योजना: आज से मिलेगा सस्ता सोना, सरकार दे रही निवेश का मौका, जानिए पूरी योजना
इतनी है सोने की कीमत
योजना के तहत आप 4,807 रुपये प्रति ग्राम पर सोना खरीद सकते हैं। यानी अगर आप 10 ग्राम सोने खरीदते है तो उसकी कीमत 48,070 रुपये बैठती है और गोल्ड बॉन्ड की खरीद ऑनलाइन तरीके से की जाती है तो सरकार ऐसे निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की अतिरिक्त छूट देती है। इसमें आवेदनों के लिए भुगतान 'डिजिटल मोड' के माध्यम से किया जाना है। ऑनलाइन सोना खरीदने पर निवेशकों को प्रति ग्राम सोना 4,757 रुपये का पड़ेगा। ऐसे में आपको 47,570 रुपये में 10 ग्राम सोना मिल जाएगा।
अगली स्लाइड में जानते हैं इस योजना के तहत आपको कितना ब्याज मिलेगा।
इतना मिलेगा ब्याज
गोल्ड बॉन्ड की परिपक्वता अवधि आठ साल की होती है और इस पर सालाना 2.5 फीसदी का ब्याज मिलता है। बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुरूप कर योग्य होता है, लेकिन इस पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) नहीं होती है।
आगे जानते हैं आप कहां से निवेश कर सकते हैं।
यहां से कर सकते हैं निवेश
स्वर्ण बॉन्ड बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसएचसीआईएल), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों (एनएसई और बीएसई) के माध्यम से बेचा जाएगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना नवंबर 2015 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य सोने की हाजिर मांग को कम करना था और सोने की खरीद के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घरेलू बचत के एक हिस्से को वित्तीय बचत में तब्दील करने के लिए किया गया था।
इतना होना चाहिए न्यूनतम निवेश
बॉन्ड का अंकित मूल्य 999 शुद्धता वाले सोने के लिए पिछले तीन कामकाजी दिवसों में साधारण औसत बंद भाव (इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिशन द्वारा प्रकाशित) मूल्य पर आधारित है। न्यूनतम स्वीकार्य निवेश एक ग्राम सोना और अधिकतम चार किलोग्राम प्रति व्यक्ति है। हिंदु अविभाजित परिवार के लिए भी निवेश की अधिकतम सीमा चार किलोग्राम है। ट्रस्ट्स के लिए यह 20 किलोग्राम है।
मालूम हो कि वर्ष 2015 में शुरू एसजीबी योजना से मार्च 2021 के अंत तक कुल 25,702 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। रिजर्व बैंक ने 2020-21 के दौरान 16,049 करोड़ रुपये (32.35 टन) की कुल राशि के एसजीबी की 12 श्रृंखला जारी किए थे।