पांच साल से कम समय में नौकरी छोड़ने पर आपको पीएफ का पैसा निकालने पर टैक्स देना होगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के कानून में इस बात का जिक्र है। हालांकि ईपीएफओ के नियमों के अनुसार कुछ लोगों के लिए यह नियम लागू नहीं होगा। ईपीएफओ का कहना है कि नौकरी के पांच साल पूरे करने से पहले ही लोग पैसा निकाल लेते हैं, जिसकी वजह से ऐसा नियम लागू किया गया है।
पांच साल से पहले छोड़ी नौकरी, तो पीएफ निकालने पर लगेगा टैक्स
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80सी के तहत मिलती है टैक्स छूट
कर्मचारी की सैलरी से जो पैसा ईपीएफओ में जमा होता है, उस पर आयकर कानून के सेक्शन 80सी के तहत छूट मिलती है। इसी के साथ अगर कंपनी आपकी सैलरी का 12 फीसदी अपनी तरफ से अंशदान कर रही है तो फिर उसको भी 'ईईई' कैटेगिरी के तहत छूट मिलती है। इसी के साथ ही पीएफ खाते में जमा रकम पर मिलने वाले ब्याज पर भी किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगता है।
कई लोग करते हैं गलती
पांच साल से पहले पैसा निकालने की लोग कई बार गलती करते हैं। मान लीजिए आपने पांच साल के भीतर दो संस्थानों में नौकरी की है और पहले वाले संस्थान से निकलने के तुरंत बाद पैसा निकाल लिया है, तो उस पर टैक्स देय होगा। हालांकि अगर आपने अपने पुराने संस्थान के पीएफ को नए संस्थान के खाते में ट्रांसफर कर लिया तो फिर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगेगा।
इनके निकालने पर नहीं लगेगा टैक्स
ईपीएफओ ने कई लोगों को टैक्स कटे बिना भी पैसा निकालने की सहूलियत दी है। इसके लिए कुछ पहले से तय प्रावधानों का पालन करना होगा। यह प्रावधान हैं...- अगर कोई कर्मचारी लगातार पांच साल तक काम करता है।
- अगर पांच साल से पहले नौकरी स्वास्थ्य कारणों से, कंपनी के बंद होने से या फिर ऐसे कारण जो कर्मचारी के बस के बाहर हैं।
- अगर कर्मचारी एक संस्थान नौकरी छोड़कर कहीं दूसरी जगह पर नौकरी कर लेता है। इससे नौकरी बदलने पर भी असर नहीं पड़ेगा।
महिलाओं को मिलेगी छूट
हालांकि बीच में नौकरी छोड़ने वाली महिलाओं को पीएफ का पैसा निकालने पर छूट मिलेगी। ऐसा देखा जाता है कि महिलाएं मां बनने के बाद बच्चों की देखभाल के लिए लंबे समय तक नौकरी नहीं करती हैं। ऐसे समय के दौरान अगर कोई महिला पीएफ खाते से पैसा नहीं निकालती है तो भी उसको ब्याज मिलता रहेगा।