अगर आपने नेशनल पेंशन स्कीम के तहत निवेश किया है तो निकासी के समय आपको एनपीएस एन्युटी स्कीम लेना जरूरी है। आप किसी भी एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर के जरिए रिटायरमेंट या निकासी के समय एन्युटी स्कीम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
60 साल की उम्र के बाद चाहते हैं स्थाई पेंशन, एनपीएस एन्युटी के बारे में जान लीजिए
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अगर कोई एनपीएस खाताधारक 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट लेना चाहता है तो वह अपने कॉर्पस का 40 फीसदी हिस्से के लिए एन्युटी प्लान खरीद सकता है और अपनी जमा राशि का 60 फीसदी हिस्सा एकमुश्त निकाल सकता है।
वहीं अगर खाताधारक समाप्त अवधि से पहले निकासी करना चाहता हो तो उसे अपनी जमा पर 80 फीसदी हिस्से के लिए एन्युटी प्लान खरीदना होगा, जो कि जरूरी है और 20 फीसदी हिस्सा एकमुश्त राशि के तौर पर निकाल सकते है। एन्युटी प्लान की सुविधा कौन-कौन देते हैं, इसकी जानकारी अगली स्लाइड में मिलेगी।
मौजूदा समय में पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण की सूची में सात एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर हैं, जो एनपीएस खाताधारकों को एन्युटी की सुविधा देती हैं। ये कंपनियां हैं भारतीय जीवन बीमा निगम, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल जीवन बीमा, एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस, बजाज एलियांज लाइफ इंश्योरेंस, रिलांयस लाइफ इंश्योरेंस और स्टार यूनियम दाई-इची लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड।
अगर कोई एनपीएस खाताधारक कोई एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर नहीं चुनता है तो वहां भारतीय जीवन बीमा निगम के जरिए खुद से एन्युटी प्लान मिल जाता है। अलग-अलग एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर की ओर से एन्युटी के लिए आवेदन करने की अलग-अलग आयु सीमा है।
उदाहरण के लिए एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस और भारतीय जीवन बीमा निगम तीस साल की आयु के बाद एन्युटी का लाभ देती हैं और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस तभी एन्युटी की सुविधा देती है जब खाताधारक की उम्र 40 साल हो जाती है।
एनपीएस खाताधारकों के लिए एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर ने कई तरह की विकल्प सामने रखें हैं, जिसमें से किसी एक को चुनकर खाताधारक एन्युटी प्लान का लाभ उठा सकता है
अलग-अलग कंपनियां के एन्युटी देने के विकल्प
- एन्युटी जीवन भर एक समान दर से सालानेदार (एन्युटेंट) को मिलती है, एन्युटेंट वह शख्स है जिसे एन्युटी मिलती है
- एन्युटी पांच, दस, 15 और 20 साल के लिए दी जाती है और उसके बाद एन्युटेंट के जिंदा रहने तक दी जाती है
- एन्युटेंट की मृत्यु पर खीद मूल्य की वापसी के साथ जिंदगी भर दी जाती है एन्युटी
- सालाना तीन फीसदी की दर से एन्युटी का भुगतान किया जाता है
- एन्युटेंट की मृत्यु पर उसके पति/पत्नी को 50 फीसदी के प्रावधान के साथ भुगतान किया जाता है
- एन्युटेंट की मृत्यु पर उसके पति/पत्नी को 100 फीसदी के प्रावधान के साथ भुगतान किया जाता है
- एन्युटेंट की मृत्यु पर उसके पति/पत्नी को 100 फीसदी के प्रावधान के साथ भुगतान किया जाता है, आखिरी उत्तरजीवी की मृत्यु पर खरीद मूल्य की वापसी