कोरोना वायरस महामारी की वजह से हर घर का बजट बिगड़ा है। लोग बचत और निवेश की ओर ध्यान दे रहे हैं। यदि आप कोरोना के समय में पैसों को लेकर परेशान हैं और अपनी बचत पर अधिक ब्याज कमाना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) योजनाओं में निवेश एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करना सबसे आसान और सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। निवेशकों के लिए राहत भरी खबर यह है कि कोविड-19 वैक्सीन की खुराक लगाने वाले लोगों को सरकारी बैंकों ने डिपॉजिट्स पर ज्यादा ब्याज देने की घोषणा की है। एफडी में निवेशक को तय अंतराल पर निश्चित रिटर्न मिलना तय होता है, साथ ही बाजार के उतार-चढ़ाव का भी इस पर कोई असर नहीं पड़ता। अब अधिक ब्याज दर मिलने पर लोगों को फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाएं और भी आकर्षित कर रही हैं।
खुशखबर: वैक्सीन लगवाने पर फिक्स्ड डिपॉजिट योजना में मिलेगा ज्यादा ब्याज, इन बैंकों ने पेश किया ऑफर
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यूको बैंक ने पेश किया खास ऑफर
सरकारी बैंक यूको बैंक कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लगाने वाले लोगों को 999 दिनों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर 30 आधार अंक या 0.30 फीसदी ज्यादा ब्याज की पेशकश कर रहा है। कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए यूको बैंक UCOVAXI-999 ऑफर की पेशकश की है। हालांकि यह ऑफर 30 सितंबर तक की सीमित अवधि के लिए ही उपलब्ध है। इसके तहत रेट ऑफ इंटरस्ट 5.30 फीसदी है। न्यूनतम डिपॉजिट पांच हजार रुपये और अधिकतम डिपॉजिट दो करोड़ रुपये है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की खास 'इम्यून इंडिया डिपॉजिट स्कीम'
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया भी लोगों के लिए ऐसा ही एक ऑफर पेश कर चुका है। बैंक ने कोविड-19 का टीका लगवाने को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष जमा योजना शुरू की है। इस योजना का नाम 'इम्यून इंडिया डिपॉजिट स्कीम' है। इसके तहत बैंक टीका लगवा चुके लोगों को मान्य कार्ड दर पर 0.25 फीसदी अधिक ब्याज देगा। योजना की परिपक्वता अवधि 1,111 दिनों की है। वरिष्ठ नागरिकों 0.50 फीसदी अतिरिक्त ब्याज के पात्र हैं।
ऐसे चुनें सही एफडी
- बैंक हर अवधि की एफडी पर अलग ब्याज दर देते हैं। निवेश के लक्ष्य को देखकर सही अवधि और ज्यादा ब्याज दर चुनें।
- पैसे लगाने से पहले बैंक की साख को परखें और क्रिसिल, इक्रा पर रेटिंग की जांच करें।
- भुगतान के तरीकों की जानकारी लें।
- बैंक संचयी एफडी में ब्याज दर का भुगतान परिपक्वता अवधि पर ही करते हैं। गैर संचयी एफडी पर ब्याज का भुगतान विकल्प के तहत तिमाही, छमाही या सालाना हो सकता है।
लोग समय पर निवेश के बारे में नहीं सोचते और इस कारण वो कीमती समय निकल जाता है जिसमें किया गया निवेश काफी अच्छे रिटर्न दे सकता था। जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है। भारत में अब भी कुछ लोग ऐसे हैं जो कोई प्लानिंग नहीं करते हैं उनका पैसा बैंक में ही जमा रहता है।