मौजूदा समय में सरकारी बैंकों में हर दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी होती है। यानी पहले सप्ताह में बैंक छह दिन खुले होता है और दूसरे सप्ताह में पांच दिन बैंक खुले रहते हैं। बैंकर्स मांग कर रहे हैं कि जब दो राज्यों (केरल और कर्नाटक) की सरकारें यह फैसला कर सकती हैं तो पूरे देश में इसे क्यों नहीं लागू किया जा सकता है। इसके बाद पूरे देश में #5DaysBanking की मांग तेज हो गई है।
क्या अब से हफ्ते में पांच दिन ही खुलेंगे बैंक? यूनियनों ने उठाई मांग
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यूनियनों ने उठाई मांग
दरअसल बैंक कर्मचारी यूनियनों ने पांच दिन के कामकाजी सप्ताह की अपनी मांग फिर उठाई है। उन्होंने कहा कि कार्य दिवसों की संख्या को कम करने से बैंकरों को मदद मिलेगी, जो कोरोना वायरस महामारी के बीच जनता के संपर्क में आने से उच्च जोखिम में हैं।
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भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने जनवरी में पांच दिन के कामकाजी सप्ताह के लिए यूनियनों के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन कर्मचारियों के वेतन में 19 फीसदी बढ़ोतरी की पेशकश की थी।
इसलिए कर रहे मांग
इस समय बैंकों में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और प्रत्येक रविवार को अवकाश रहता है। ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि बैंकरों को कोरोना वायरस का खतरा सता रहा है और ऐसे में सप्ताह में पांच दिन काम करना वक्त की मांग है।
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ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि ऐसा करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम होगा।
ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा #5DaysBanking
ट्विटर पर #5DaysBanking ट्रेंड कर रहा है और इस संदर्भ में लोगों का कहना है कि बैंकों का हफ्ते में पांच दिन खुलने से ऑपरेशन कॉस्ट घटेगा, एफिशियंसी बढ़ जाएगी, वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगा। साथ ही कर्मचारी ज्यादा खुश रहेंगे, जिसकी वजह से काम ज्यादा जोश से होगा।