कभी सुना है कि ज्वालामुखी के मुंह से बिजली कड़कने लगे? नहीं ना? पर ऐसा होता है। इसे 'वॉलकैनिक लाइटिंग' कहते हैं। कभी-कभी ज्वालामुखी के फटने के दौरान ही बिजली कड़कती है और ज्वालामुखी पर सीधे फटने के कारण ऐसे दिखती है मानो आग के साथ बिजली भी निकल रही हो।
क्या बर्फ से आग लग सकती है? कनाडा के पास एलबर्टा नाम की एक जगह है जहां एब्राहम झील है। ठंड के कारण इस झील में बुलबुले भी जम जाते हैं। लेकिन इन बुलबुलों में मीथेन होता है, जो पानी में आग लगाने की पूरी क्षमता रखता है।
नामिबिया के रेगिस्तान में ऐसे कई गोलों का बनना बिल्कुल सामान्य है। इन्हें 'फेयरी सर्कल' नाम दिया गया है। स्टडीज बताती हैं कि इस रेगिस्तान में एक खास तरह के
जीव, टरमाइट रहते हैं जो जगह-जगह इस तरह के गोले बनाते रहते हैं।
न्यजीलैंड के गोल बोल्डर्स। ये कोकोहे बीच पर हैं और असल में पत्थरों के बड़े गोले हैं। नदी किनारे मिलने वाले सेडिमेंट के वक्त के साथ कड़े होने की वजह से इनका निर्माण हो गया। लेकिन इनमें भी कटाव होता रहता है।
हैं ना एकदम अलग तरह के बादल? इनका नाम है मैमेटस क्लाउड्स। किसी खास तरह के मौसम में ही इन्हें देखा जाता है।