ये घटना उड़ीसा के सुदूर एक गांव की है। यहां एक डॉक्टर भगवान साबित हो गया। दरअसल, इस डॉक्टर ने ऐसी मिसाल पेश की है कि उसे यहां लोग मसीहा कहने लगे हैं।
इस डॉक्टर ने एक ऐसे गांव में जाकर एक गर्भवती महिला की डिलीवरी में मदद की जहां पहुंच पाना बेहद कठिन है। असल में इस गांव तक पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता,जंगल, नदी, पहाड़ आदि रास्ते में पड़ते हैं। डॉक्टर ने इन सबकी परवाह किए बगैर रात में इस गांव में पहुंचकर गर्भवती महिला की डिलीवरी में मदद की।
लेकिन डिलीवरी के बाद महिला की हालत खराब होने लगी। स्थिति अधिक खराब होने लगी तो डॉक्टर महिला को आठ किलोमीटर पैदल चलकर महिला को अस्पताल तक लेकर गया।
महिला को अस्पताल तक एक खाट के जरिए ले जाया गया। हम यहां डॉक्टर के काम की तारीफ तो कर रहे हैं लेकिन डिजीटल इंडिया में ऐसी घटना का होना विकास की सच्ची तस्वीर भी समाज को दिखाता है।