{"_id":"59e33fc64f1c1bf4688b5de8","slug":"supatra-sasuphan-is-become-popular-because-of-dangerous-disease","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'बंदर' में बदलती जा रही है ये लड़की, देखकर लोग कहने लगे हैं मंकी गर्ल","category":{"title":"World of Wonders","title_hn":"ऐसा भी होता है","slug":"world-of-wonders"}}
'बंदर' में बदलती जा रही है ये लड़की, देखकर लोग कहने लगे हैं मंकी गर्ल
amarujala.com, presented by : शिप्रा सक्सेना
Updated Mon, 16 Oct 2017 10:15 AM IST
विज्ञापन
लड़की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ये बच्ची जहां भी जाती है इसे लोग घूर घूर कर देखते है..जो भी करती है लोग उसे अजीब तरह की नजरों से देखते हैं..वजह इतनी सी है कि इस बच्ची का पूरा चेहरा बालों से ढका हुआ है। जिस वजह से लोग इसे असली नाम की जगह 'मंकी फेस' जैसे नामों से पुकारते हैं।
लड़की
इस बच्ची का असली नाम सुपात्रा सासुफान है। वैसे तो और बच्चों की तरह ये बच्ची अपने सारे काम खुद करती है लेकिन एक अजीब तरह की बीमारी की वजह से इस लड़की का फेस साधारण लोगों की अपेक्षा बिल्कुल अलग है।
पढ़ें- इस गांव में 7 दिन पहले मनाई जाती है दिवाली, वजह भी जान लीजिए
पढ़ें- इस गांव में 7 दिन पहले मनाई जाती है दिवाली, वजह भी जान लीजिए
लड़की
इस बीमारी को 'अमब्रास सिंड्रोम' कहते है। इस बीमारी में पूरे चेहरे पर बाल उग आते हैं। सुपात्रा के ये बाल चेहरे के अलावा हाथ, कान, पीठ और पैरों पर भी हैं।बालों से छुटकारा पाने के लिए उसके माता-पिता ने लेजर ट्रीटमेंट का भी सहारा लिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
पढ़ें- बीच पर तफरी करती है ये बिल्ली, मालकिन संग समंदर में तैरने का शौक
पढ़ें- बीच पर तफरी करती है ये बिल्ली, मालकिन संग समंदर में तैरने का शौक
विज्ञापन
विज्ञापन
लड़की
हैरानी की बात यह है कि इस बीमारी के अब तक महज 50 मामले ही सामने आए हैं। अक्सर स्कूल में इन बालों के कारण उसके दोस्त व सीनियर छात्र काफी छेड़ते है। हालांकि इस अजीब तरह की बीमारी की वजह से इल बच्ची का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।
पढ़ें- ये है दिल्ली का 'मोस्ट हॉन्टेड प्लेस', डर के मारे निकल जाती है चीख
पढ़ें- ये है दिल्ली का 'मोस्ट हॉन्टेड प्लेस', डर के मारे निकल जाती है चीख
विज्ञापन
लड़की
सुपात्रा के पिता समरूइंग ने कहा कि हमें इसकी बीमारी का पता इसके पैदा होने के बाद ही पता चला। उससे पहले हमें इसके बारे में कुछ नहीं पता था। वह जब पैदा हुई थी, तब उसकी सेहत अच्छी नहीं थी। उसकी नाक की दोनों छिद्र सिर्फ एक मिलीमीटर चौड़ी थी। इसके चलते उसे तीन महीने तक इंक्यूबेटर में रखा गया था। कुल मिलाकर वह 10 महीनों तक अस्पताल में रही थी।