हम हिंदुस्तानी बहुत बातूनी होते हैं। कोई मिल भर जाए, तो फिर जो बातों का सिलसिला शुरू होता है, वो कई बार घंटों तक चलता रहता है। और क्या हाल है... से शुरुआत होती है। फिर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मसलों तक खिंचती चली जाती है।
इस देश के लोगों को गप्पे लड़ाना नहीं है पसंद, खामोशी है यहां की खूबसूरती
कॉफी शॉप में जाएंगे तो बस इतनी सी बात होगी कि आप क्या चाहते हैं। आप किसी सार्वजनिक जगह पर बैठे हैं, टहल रहे हैं या मेट्रो मे सफर कर रहे हैं, कोई बात करता नहीं नजर आएगा। सन्नाटा ही दिखेगा। लोग अपने आस-पास से गुजर रहे अनजान लोगों से बेफिक्र रहते हैं, बात नहीं करते। ऐसे माहौल में किसी और देश के लोग शोर मचाने वाले समझे जाते हैं।
फिनलैंड में सॉना बाथ का बहुत चलन है। पूरे देश में करीब 20 लाख सॉना हैं। इनमें लोग दोस्तों के साथ जाते हैं। कई बार बिना कपडों के ही साथ में सॉना बाथ लेते हैं। यानी बंद ठिकानों में उन्हें ये नजदीकी नहीं अखरती। पर जैसे ही लोग सॉना से बाहर आते हैं, उनका मिजाज एकदम बदल जाता है।
फिनलैंड के लोग अक्सर विदेशी नागरिकों, सैलानियों या दोस्तों से भी कहीं पर अचानक मिलने-बतियाने में यकीन नहीं रखते। फिनलैंड में अंग्रेजी सिखाने वाली टीना लैटवाला कहती हैं कि वो लोगों को जो ट्रेनिंग देती हैं, उसमें एक सबक ये भी है कि दूसरों से कैसे छोटी-मोटी गप-शप की जाए।
ट्रेनिंग लेने वालों को कहा जाता है कि वो तसव्वुर करें कि कहीं जा रहे हैं और किसी से मुलाकात हो जाती है। टीना कहती हैं कि ट्रेनिंग के लिए आए लोगों को वाकई छोटी-सी बात करने में भी मुश्किल हो रही थी।
फिनलैंड की छात्रा एलिना जेफ्रेमॉफ कहती हैं कि टीवी की वजह से वो दूसरे देशों की संस्कृति और गप-शप की अहमियत से वाकिफ हुई हैं। मगर, फिनलैंड में ये छोटी सी बात करना बहुत मुश्किल होता है।
एलिना बताती हैं कि, 'टीना की क्लास में हमें बुनियादी बातें सिखाई गईं। जैसे कि, आप कैसे हैं। मैं ठीक हूं, तुम्हारी मां कैसी हैं। ये वो सवाल-जवाब थे जो बहुत बुनियादी थे। हमें इनके जवाब भी पता थे। मगर वो हमारी बातचीत का हिस्सा नहीं थे।'