कभी कभी जो दिखता है वो होता नहीं है और जो होता है वो नजरों से ओझल ही रहता है। इसे उपदेश समझने वाले लोग उस समय गच्चा खा गए जब वो एक भिखारी को समझ नहीं पाए।
जिसे भिखमंगा समझ रहे थे, उसकी असलियत आई सामने तो फटी रह गई लोगों की आंखें
फटी टीशर्ट और हवाई चप्पल पहनकर कोई इंसान 'हार्ले डेविडसन' जैसी बाइक के शोरूम में जाए तो लोगों को यही लगेगा कि भीख मांगता हुआ एक आदमी भटक के यहां आ गया है। लोगों को कुछ ऐसा ही लगा जब वो फटेहाल आदमी शोरूम में पहुुंचा।
ये भिखारी नही था, एक खरीदार था, हर्ले डेविडसन जैसी बाइक का....भिखारी से दिखने वाले की जेब इतनी गर्म थी कि लोगो को विश्वास नहीं हुआ।
फिर मानों चमत्कार हुआ और उसने अपनी जेब से नोटो की गड्डियां निकालनी शुरू की...जो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी। उसने 12 लाख कैश निकाला और शोरूम का मालिक भी एक बारगी चक्कर खाते खाते संभल गया।
उसने अपनी ड्रीमबाइक 'हेर्ले डेविडसन' खरीदी, उसके साथ सेल्फी ली और शान से शोरूम से बाहर निकला।
इसीलिए आपको भी हिदायत है कि हर भिखारी को भिखारी न समझे, क्या पता उसकी जेब में हो खजाना।