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अमेरिका की इस खुफिया जगह के बारे में नहीं जानते होंगे आप, रहस्यों से भरी है यहां की दुनिया
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 07 Feb 2018 07:55 PM IST
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दुनिया अजीबोगरीब रहस्यों से भरी पड़ी है। ऐसी ही एक जगह अमेरिका में है। यहां तक की इस जगह का नामकरण भी बेहद अजीब किया गया है। इसे सुनकर थोड़ा अटपटा लग सकता है। जी हां इसका नाम है, एरिया-51।
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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की यह खुफिया जगह एयरफोर्स की बताई जाती है। रिपोर्टस के मुताबिक एरिया-51 चारों तरफ से बाड़ों से घेरा गया है। अत्याधुनिक टेक्नॉलजी से लैस इस जगह पर किसी को जाने की इजाजत नहीं है। इतना ही नहीं यहां बाड़ों के आसपास सुरक्षाकर्मी हथियार लेकर दिन रात मौजूद रहते हैं।
एरिया-51 में ग्रूम नाम की एक झील मौजूद है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ग्रूम झील का प्रयोग बमबारी और तोपखाने के अभ्यास के लिए किया गया, लेकिन साल 1955 में जासूस विमान U-2 के परीक्षण लिए इस जगह को चुने जाने के बाद इसे छोड़ दिया गया। साल 1955 से ही ये जगह बेहद खुफिया हो गई। इस जगह से अमेरिका के अलावा पूरी दुनिया के ऊपर खुफिया निगाह रखी जाती है।
एरिया-51 में ग्रूम नाम की एक झील मौजूद है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ग्रूम झील का प्रयोग बमबारी और तोपखाने के अभ्यास के लिए किया गया, लेकिन साल 1955 में जासूस विमान U-2 के परीक्षण लिए इस जगह को चुने जाने के बाद इसे छोड़ दिया गया। साल 1955 से ही ये जगह बेहद खुफिया हो गई। इस जगह से अमेरिका के अलावा पूरी दुनिया के ऊपर खुफिया निगाह रखी जाती है।
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दरअसल, एरिया-51 अमेरिकी आर्मी का बेहद खुफिया हवाई अड्डा है। इसकी लोकेशन अमरीका के लॉस वेगास शहर से करीब 83 किलोमीटर दूर है। अमेरिकी सरकार ने पहले तो ऐसी किसी जगह के वजूद को ही खारिज कर दिया था लेकिन बाद में अमेरिका की सरकार ने माना कि ऐसी कोई खुफिया जगह अमरीका में काम करती है।
इस जगह के बारे में लोग मानते हैं कि यहां एलिएंस पर भी रिसर्च किया जाता है। यहां उड़न तश्तरी यानी यूएफओ (अनआईडेंटिफाइड फ्लाईंग वेहिकल) भी देखे जाने की बातें सामने आती रही हैं। बता दें साल 2015 में एक अंतरिक्ष यात्री ने दावा किया कि अमेरिका और रूस के बीच परमाणु युद्ध रोकने के लिए एलियन पृथ्वी पर आए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 1947 में एक यूएफओ के क्रैश होने की अपुष्ट बातें कही जाती हैं। इस दौरान का एक तस्वीर भी सामने आई थी, तो जबरदस्त हलचल मची थी। इसमें एक 4 फीट का एलियन लेटा हुआ दिखाया गया है। बताया जाता है कि उस एलियन पर आज भी रिसर्च चल रहा है।
इस जगह के बारे में लोग मानते हैं कि यहां एलिएंस पर भी रिसर्च किया जाता है। यहां उड़न तश्तरी यानी यूएफओ (अनआईडेंटिफाइड फ्लाईंग वेहिकल) भी देखे जाने की बातें सामने आती रही हैं। बता दें साल 2015 में एक अंतरिक्ष यात्री ने दावा किया कि अमेरिका और रूस के बीच परमाणु युद्ध रोकने के लिए एलियन पृथ्वी पर आए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 1947 में एक यूएफओ के क्रैश होने की अपुष्ट बातें कही जाती हैं। इस दौरान का एक तस्वीर भी सामने आई थी, तो जबरदस्त हलचल मची थी। इसमें एक 4 फीट का एलियन लेटा हुआ दिखाया गया है। बताया जाता है कि उस एलियन पर आज भी रिसर्च चल रहा है।
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बताया जाता है कि नासा के कुछ खास वैज्ञानिक यहां खुफिया एलियन मिशन में जुटे हैं। इसलिए अब इस क्षेत्र के ऊपर से किसी भी विमान को उड़ने की इजाजत नहीं है।
कोई ऐसा करता है तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल उसे तुरंत चेतावनी देकर अपना रास्ता बदलने का कहता है, वरना अमेरिकी वायुसेना उस पर जवाबी कार्रवाई करती है।
कोई ऐसा करता है तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल उसे तुरंत चेतावनी देकर अपना रास्ता बदलने का कहता है, वरना अमेरिकी वायुसेना उस पर जवाबी कार्रवाई करती है।