हमारी दुनिया के बारे में कई ऐसी बातें हैं जो हमारे जहन में इस कदर बस गई हैं कि हम उनके बारे में कभी सवाल नहीं करते। हम मान लेते हैं कि जो हम जानते हैं वो सही होगा, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं। दुनिया से जुड़े तथ्यों के बारे में लिखने वाले वैज्ञानिक मैट ब्राउन अपनी किताब "एवरीथिंग यू नियू अबाउट प्लानेट अर्थ इज रॉन्ग" (धरती के बारे में जो भी आप जानते हैं वो गलत है) में ऐसी कुछ बातों का जिक्र करते हैं जो आपको अपनी जानकारी पर सवाल करने के लिए बाध्य कर देते हैं। उन्होंने दुनिया के बारे में बीबीसी के साथ चार रोचक बातें साझा की।
2060 वर्ग किलोमीटर का नो मैन्स लैंड
जमीन, समुद्र तट, ताकत और व्यवसाय को लेकर आपस में लड़ने वाले देशों के बीच पृथ्वी पर कई जगह 'नो मैन्स लैंड' होने की जानकारी आपको होगी। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार ये दो देशों की सीमाओं के बीच का खाली इलाका होता है जिसे कोई भी देश कानूनी तौर पर नियंत्रित नहीं करता है। हालांकि इस पर कानूनी दावा किया जा सकता है। लेकिन अफ्रीका में एक जगह है जिस पर कोई भी देश अपना अधिकार नहीं चाहता। बीर ताविल नाम का ये इलाका 2,060 वर्ग किलोमीटर का है और मिस्र और सूडान की सीमाओं के बीच है।
20वीं सदी की शुरुआत में अस्तित्व में आई 'नो मैन्स लैंड'
ये इलाका 20वीं सदी की शुरुआत में अस्तित्व में आया जब मिस्र और सूडान ने अपनी सीमाएं कुछ इस तरह से बनाईं कि ये इलाका दोनों में से किसी का भी नहीं रहा। बीर ताविल सूखाग्रस्त इलाका है और यहां की जमीन बंजर है। लिहाजा इस पर दावा कोई नहीं करना चाहता। लेकिन इस इलाके ने कई लोगों को अपनी तरफ आकर्षित भी किया है। 2014 में अमरीका के वर्जीनिया के एक किसान ने यहां एक झंडा लगा कर खुद को "उत्तरी सूडान के राज्य" का गवर्नर घोषित कर दिया। उनकी चाहते थे कि उनकी बेटी राजकुमारी बने।
दुनिया का चक्कर लगाने वाला पहला व्यक्ति?
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'वोयेजेज ऑफ डिस्कवरी' में फर्डिनेंड मैगलन की भूमिका निभाते कलाकार एडूआर्डो ज्यूरो।
- फोटो : BBC.com
क्या पुर्तगाली खोजकर्ता फर्डिनेंड मैगलन दुनिया का चक्कर लगाने वाले पहले व्यक्ति थे और क्या उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े समंदर को अपना नाम दिया था? ऐसा नहीं है। हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि 1480 में जन्मे फर्डिनेंड मैगलन पहले यूरोपीय थे जिन्होंने प्रशांत महासागर को पार किया था।
1519 में मैगलन अपने दल के साथ स्पाइस द्वीप खोजने निकले थे...
1519 में मैगलन अपने दल के साथ समंदर के रास्ते स्पाइस द्वीप खोजने के लिए निकले थे। कई देशों से गुजर कर आखिर तीन साल बाद ये दल उसी जगह लौटा जहां से वो चला था। हालांकि स्पेन से चली इस यात्रा को पूरा करने की खुशी मनाने के लिए कम ही लोग जिंदा बचे थे। 270 लोगों के चालक दल के साथ शुरु हुई ये यात्रा जब खत्म हुई तो मात्र 18 लोग ही जीवित बचे थे। यात्रा के दौरान मैगलन की भी मौत हो गई थी।