मोटे और वजनदार लोग जमाने में कई तरह के पूर्वाग्रहों के शिकार होते हैं। उन्हें नौकरी मुश्किल से मिलती है। वो आलसी और कमजोर इरादों वाले माने जाते हैं। कुछ मामलों में दुकानदार या सेवाएं मुहैया कराने वाले लोग मोटे लोगों से कतराते हैं। कई लोग तो उन्हें देखकर मुस्कुराते तक नहीं।
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fat man
- फोटो : getty images
हाल ही में हमने खुफिया तौर पर खरीदारी के तजुर्बे किए। इनसे मोटे लोगों के प्रति सेल्समैन के पूर्वाग्रह खुलकर सामने आए। हमने यहां तक पाया कि मोटे लोगों को दिखाया जाने वाले सामान भी आम लोगों को दिखाए जाने वाले सामान से अलग था।
इस खुफिया रिसर्च का नतीजा से ये सामने आया कि मोटे लोगों को गोलाकार सामान खरीदने को ज्यादा प्रोत्साहित किया जाता है। रिसर्च के तहत एक सामान्य कद-काठी के अभिनेत्री घड़ियां और इत्र खरीदने के लिए दुकानों पर गई। उनके साथ दो लोग गुपचुप तौर पर गए। इनका काम ये देखना था कि सेल्समैन उस सामान्य दिखने वाले ग्राहक से कैसा बर्ताव करते हैं, किस तरह के उत्पाद दिखाते हैं।
बाद में वही अभिनेत्री, मोटी महिला का भेष धर कर उसी लिबास में फिर से दुकानों में खरीदारी के लिए गई। इस बार भी उसने उसी रंग के कपड़े पहने थे। बस, वो मोटापे के लिहाज से ज्यादा ढीले-ढाले थे। इस बार भी अभिनेत्री के साथ दो रिसर्चर चुप-चाप चल रहे थे। मोटी महिला के तौर पर वो अभिनेत्री 37 दुकानदारों से मिली। उसने 3 घड़ियां और इत्र या परफ्यूम उन दुकानदारों की सलाह पर खरीदे।
इस रिसर्च के नतीजों का विश्लेषण करने पर पता चला कि जब अभिनेत्री मोटी महिला बनकर दुकानों में गई थी, तो उसे गोलाकार घड़ियां या गोलाकार इत्र की बोतलें ज्यादा दिखाई गईं और उन्हें बेचने की कोशिश की गई। ये रिसर्च अमरीका की विलानोवा यूनिवर्सिटी की बेथ वैलेन ने की थी। बेथ कहती हैं, 'रिसर्च से हमारी ये सोच सही साबित होती है कि मोटे लोगों के लिए गोलाकार चीजें ही ठीक रहेंगी। ये एक पूर्वाग्रह है।'