कहते हैं एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। ये कुछ ऐसी ही तस्वीरें हैं जो बयां करती हैं उन लोगों का अहसास जो तनाव से गुजर रहे होते हैं। इस लड़की का नाम क्रॉफोर्ड है। 23 साल की क्रॉफोर्ड फोटोग्राफी पढ़ती और सीखती हैं। वो लुजियाना के बेटन राउज में रहती हैं। अपनी सीनियर थीसस पूरी करने के लिए उन्हें कॉलेज में किसी ना किसी मुद्दे पर अपना प्रोजेक्ट जमा करना था।
तनाव में रहने का दर्द
क्रॉफोर्ड तनाव का शिकार रह चुकी हैं। उन्होंने सोचा क्यों ना वो अपने प्रोजेक्ट में तस्वीरों के माध्यम से यही बताएं कि तनाव से पीड़ित लोग अंदर से कैसा महसूस करते हैं। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट का नाम 'एंकशियस हार्ट' रखा। सबसे पहली तस्वीर से उन्होंने बताया कि पीड़ित व्यक्ति को लगता है जैसे वो घुट रहा है। उसे ऐसा लगता है कि उसकी सांसें तेजी से चल रही हैं और चाहते हुए भी वो वैसा नहीं महसूस कर पाता है जैसा करना चाहता है।
तनाव में रहने का दर्द
दूसरी तस्वीर की मदद से क्रॉफोर्ड ने बताया कि डिप्रेशन के दौरान व्यक्ति अपने ही विचारों में कैद है। उसे ऐसा लगता है कि वो जितना सोचता है चीजें उतनी ही बिगड़ती चली जाती हैं। वो जैसे अपनी ही सोच का कैदी हो जाता है। बदलना नामुमकिन सा लगने लगता है।
तनाव में रहने का दर्द
इस तस्वीर से उन्होंने जाहिर किया कि तनाव में रहना ऐसा लगता है मानो घड़ी की सुइयां कहीं अटक गई हों। ऐसा गलता है जैसे वक्त आगे ही नहीं बढ़ रहा है। वो रुक गया है। उस शख्स को जिंदगी से डर लगने लगता है।
तनाव में रहने का दर्द
तनाव से जूझ रहे व्यक्ति के लिए पल-पल कठिन होता है। उसे लगने लगता है कि वो कुछ भी कदम उठाने के लिए नाकाफी हो गया है। वो खुद को विक्षिप्त जैसा महसूस करता है। सबके अलग-अलग अहसास हो सकते हैं। किसी को लगता है जैसे उसके पेट में गढ्ढा हो गया है तो किसी को लगता है वो ऐसे स्विमिंग पूल में चला गया है जिसकी गहराई कोई अंत ही नहीं है।