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इन 250 डेडबॉडी के दोबारा जिंदा होने की उम्मीद, साइंटिंस्ट भी करते हैं भरोसा

Sun, 25 Feb 2018 11:25 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 25 Feb 2018 11:25 AM IST
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These two hundred and fifty dead bodies hopes to be alive again
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आज के समय में क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि मौत के बाद किसी इंसान को फिर से जिंदा किया जा सकता है? शायद नहीं। लेकिन आप यह बात शायद ही जानते होंगे कि इस एक्सपेरिमेंट को सफल करने के लिए कई अमेरिकी वैज्ञानिक लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं। इन्हें भरोसा है कि एक ऐसी थ्योरी है जिसकी मदद से मरे हुए इंसानों को फिर से जिंदा किया जा सकेगा। हालांकि दुनिया की नजर में यह मजाक है।  



 
These two hundred and fifty dead bodies hopes to be alive again
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देखा जाए तो वैज्ञानिकों की इस बात को सिरे से नकारा भी नहीं जा सकता। हमारे समक्ष इतिहास में ऐसे कई उदाहरण पहले भी सामने आ चुके हैं जिसमें सदी के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों का दुनिया ने मजाक बनाया है लेकिन बाद में उन्हीं को बातों को समाज में स्वीकार भी किया है। इस मामले को गहराई से समझने की जरूरत है। कई लोग इसे कोरी बकवास मान लेंगे और बिना ये जाने कि इस मुद्दे पर बात उठी कहां से तो वह किसी निचोड़ पर नहीं पहुंच सकते। तो चलिए समझाते हैं शुरुआत से... 
These two hundred and fifty dead bodies hopes to be alive again
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दरअसल, 1960 में जब साइंटिस्ट लाशों को फिर से जिंदा करने की जद्दोजहद में लगे थे तो उस समय उनके इस प्रयोग का वीडियो भी शूट किया गया था। यही वीडियो दोबारा सामने आया है तो एक बार फिर इस मामले पर बहस तेज हो गई है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कैसे इंसानों को मौत के बाद भी जिंदा किया जा सकेगा?
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एक मीडिया रिपोर्ट की माने तो ऐरिजोना की 'क्रायॉनिक साइंस सोसायटी' ने 1960 में एक मशीन के साथ यह डेमो वीडियो बनाया था, जिसमें एक ट्यूब जैसे रेफ्रिजरेटर से बॉडी को संरक्षित रखने की प्रक्रिया दिखाई गई। इसे लेकर दावा किया गया कि इस ट्यूब में मृत व्यक्ति के शरीर को एल्यूमिनियम फॉइल से लपेटकर रखा जाता है। वहीं इसके अंदर का तापमान शून्य से 250 डिग्री कम कर दिया जाता है, जिससे बॉडी हमेशा के लिए सुरक्षित रहती है। इस प्रक्रिया को क्रायोप्रिजर्वेशन नाम दिया गया है।
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इस डेमो में कहा गया की फीनिक्स साइंस सोसायटी मौत के बाद जीवन पर लगातार रिसर्च कर रही है। टीम को लगता है कि क्रायोप्रिजर्वेशन की मदद से यह हो सकता है। साइंस में किसी भी जैविक चीज को जमाकर रखने की प्रक्रिया को 'क्रायॉबायोलॉजी' ट्रम से जाना जाता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि बस इस चीज का उत्तर यहीं छुपा है। कई साइंटिस्ट इस बात को मानते हैं कि इस प्रॉसेस से जमाकर संरक्षित की गई डेड बॉडी भविष्य में जीवित की जा सकती है। साइंस इसका कोई न कोई हल जरूर निकाल लेगा।

आपको जानकर हैरानी होगी कि अकेले अमेरिका में 2014 के बाद करीब 250 लोगों को उनकी इच्छानुसार मौत के बाद जमाकर रख दिया गया। इन्हें भी उम्मीद है कि भविष्य की टेक्नोलॉजी एक दिन उन्हें दोबारा जिंदा कर देगी।
 
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