तो जान लीजिए। ट्रेनों में तो मल या पेशाब त्याग के लिए कोई स्टोरेज टैंक नहीं बनाया जाता। ऐसी सेवा उड़ते विमान में तो दी ही नहीं जा सकती। वहां वेस्ट एक टैंक में स्टोर किया जाता है। इस टैंक को प्लेन के लैंड करने से पहले नहीं खाली किया जाता।
हवाई-जहाज के राज
ऐसा कई लोगों का मानना है कि 35 हजार फुट की ऊंचाई पर विमान में लोगों को पीने के बाद नशा तेजी से होता है। लेकिन ये एक मिथक है। असल में पीने से ऊंचाई का कोई लेना-देना ही नहीं है। कम ऑक्सीजन की मात्रा की वजह से लोग हांफने लगते हैं।
हवाई-जहाज के राज
क्या आपने सोचा कि प्लेन में खिड़कियां हमेशा लंबी और चारों तरफ से गोल क्यों होती हैं? क्या इसके पीछे कोई खास वजह है? तो आज जान लीजिए। प्लेन के डिजाइन के हिसाब से लंबाई लिए गोलाकार शीशे सुंदर तो दिखते ही हैं। साथ ही हवा के बाहर के दबाव और अंदर के हिसाब से चौकार या अन्य किसी भी तरह के शीशे टूट सकते हैं। इसलिए इन्हीं शीशों का प्रयोग किया जाता है।
हवाई-जहाज के राज
क्या विमान को किसी चाबी से उड़ाना शुरू किया जाता है? नहीं भाई नहीं। इसको शुरू करने के लिए एक एयर स्टार्ट मोटर की जरूरत पड़ती है। इसके चलने के साथ ही जेट इंजन चलता है और इग्निशन ऑन हो जाता है।
हवाई-जहाज के राज
किसी तकनीकी कारण से फोन प्लेन के चलने से पहले बंद करने के निर्देश दिए जाते हैं? जी नहीं। विमान के उड़ने से किसी यात्री के फोन ऑन होने या ना होने का मतलब नहीं है। लेकिन ऐसा केबिन क्रू के शांति और फोकस को बनाए रखने के लिए किया जाता है। अगर फोन को फ्लाइट मोड में नहीं डाला जाए, तो इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले केबिन क्रू के अधिकारी आवाज से परेशान होते हैं। ये उनके रेडियो कंम्यूनिकेशन के बीच में आता है और उन्हें भ्रमित कर सकता है।