फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आखिर क्यों लाखों में होती है रोलेक्स घड़ियों की कीमत, नहीं जानते होंगे ये बात

Tue, 31 Jul 2018 12:21 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 31 Jul 2018 12:21 PM IST
विज्ञापन
Know why rolex watches so expensive
rolex
दुनिया भर में रोलेक्स घड़िया अपनी कीमतों के लिए जानी जाती हैं। इन घड़ियों को  हस्तियों के रसूख में इजाफा करने के लिए स्टेटस सिंबल के बतौर पहना जाता है। लेकिन बहुत से लोग ये सोचते हैं कि समय तो एक आम घड़ी भी दिखाती है तो फिर रोलेक्स की घड़ी इतनी महंगी क्यों है..? क्या आप इसका कारण जानते हैं..? अगर आप इसकी असल वजह जान लेंगे तो आपको जरूर हैरानी होगी।   

 
Trending Videos
Know why rolex watches so expensive
rolex
दरअसल, रोलेक्स घड़ियां अपनी खास कारीगरी के लिए जानी जाती हैं। इसे ऐसे अनोखे तरीके से तैयार किया जाता है कि इसकी कीमत लाखों में जा पहुंचती है। तभी तो यह घड़ी इतनी महंगी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये घड़ी इतनी महंगी क्यों होती हैं?  दरअसल, कंपनी का दावा है कि रोलेक्स घड़ियां साधारण नहीं हैं। कंपनी ने इनके प्रोडक्शन के लिए अलग से एक रिचर्स एंड डिवेलपमेंट लैब बनाई है। 
Know why rolex watches so expensive
watch maker
इस लैब में घड़ियों पर इतनी बारीकी से काम होता है जो दुनिया में शायद ही कहीं ओर होता हो। लैब एक से बढ़कर एक उपकरणों से लैस है, जबकि यहां काम करने वाले पेशेवर कारीगर इसमें काम करते हैं। इस आधार पर रोलेक्स के कारीगर घड़ियों को डिजाइन भी करते हैं। रोलेक्स मैकेनिकल घड़ियां बनाती है। मैकेनिकल घड़ियां यानी जिनमें मशीनरी का भरपूर इस्तेमाल होता है। कंपनी का कहना है कि ऐसी घड़ियां बनाना आसाम काम नहीं है, इसलिए बाजार में इनकी कीमत खुद-ब-खुद बढ़ती जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Know why rolex watches so expensive
rolex
पहली दफा 1953 में रोलेक्स बनाई गई थी। सबसे पहले रोलेक्स की सबमैरिनर घड़ी खास तैराकों और गोताखोरों के लिए बनाई गई है। कंपनी दावा करती है कि रोलेक्स की एक घड़ी में इतने बारीक पार्ट्स जुड़े होते हैं कि इनकी गिनती करने वाला भी इन्हें भूल जाएगा।इन्हें बड़ी सावधानी से लगाना पड़ता है क्योंकि घड़ियां बनाते वक्त उनके खराब होने के आसार बहुत ज्यादा होते हैं। बहुत सी घड़ियों की पॉलिश तो हाथ से की जाती है। ज्यादातर पुर्जों को फिट करने के लिए अंतिम आकार भी हाथों से ही दिया जाता है। रोलेक्स में यूज किया जाने वाला मैटेरियल ही इसकी कीमत को बड़ा देता है। 
 
विज्ञापन
Know why rolex watches so expensive
rolex
दरअसल, रोलेक्स में इस्तेमाल किया जाने वाला मैटेरियल काफी महंगा होता है। इनमें 940 एल स्टील का इस्तेमाल होता है, जबकि बाजार में उपलब्ध अन्य घड़ियों में 316 एल स्टील का प्रयोग इस्तेमाल किया जाता है। इसी से आप इसकी मजबूती का अंदाज लगा सकते हैं। इसके इस्तेमाल से घड़ियां मजबूत और चमकदार बनती हैं। घड़ी के डायल में व्हाइट गोल्ड का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा घड़ी में जिन नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है वो स्पेशल कांच के प्लेटिनम से तैयार किए जाते हैं। इसमें बेजेल सेरेमिक यानी चीनी मिट्टी का भी इस्तेमाल किया जाता है। 


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed