फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हरियाणा के 5 'श्रवण कुमार' बने मिसाल, कंधे पर बैठाकर माता-पिता को कराई कांवड़ यात्रा

Wed, 08 Aug 2018 02:03 PM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 08 Aug 2018 02:03 PM IST
विज्ञापन
Kanwar Yatra 2018 five brothers carried parents on kanwar like shravan kumar
Kanwar Yatra
त्रेता युग में जहां एक श्रवण कुमार थे, वहीं कलयुग में पांच श्रवण कुमार हैं। बात सुनने में अजीब जरूर लगे, मगर यह सच है। हरियाणा के पलवल जिले के फुलवारी गांव के रहने वाले पांच बेटे माता-पिता को कंधे पर बैठाकर हरिद्वार ले गए।



 
Kanwar Yatra 2018 five brothers carried parents on kanwar like shravan kumar
Kanwar Yatra - फोटो : ANI
चंद्रपाल सिंह और उनकी पत्नी रूपवती के पांच बेटे-बंसीलाल, अशोक, राजू, महेंद्र व जगपाल हैं। चंद्रपाल सिंह और उनके बेटे मजदूरी करते है। पिता ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए। एक साल पहले उन्होंने बेटों से कांवड़ लाने की बात बताई। पांचों बेटों ने निर्णय लिया कि इस बार वह माता-पिता को श्रवण कुमार की तरह झूले में बैठाकर कांवड़ यात्रा पर लाएंगे। 
Kanwar Yatra 2018 five brothers carried parents on kanwar like shravan kumar
Kanwar Yatra - फोटो : ANI
पिता चंद्रपाल सिंह ने कहा, 'श्रवण कुमार के माता-पिता की तरह हमें वैसे कोई तकलीफ नहीं है। हम देख सकते हैं, चलने-फिरने में भी सक्षम हैं। मगर हम उन लोगों को संदेश देना चाहते हैं जो अभिभावकों की इज्जत नहीं करते हैं।' इन भाइयों की तस्वीर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Kanwar Yatra 2018 five brothers carried parents on kanwar like shravan kumar
Kanwar Yatra - फोटो : ANI
चंद्रपाल सिंह के बड़े बेटे बंसीलाल ने बताया, 'हम पांच भाइयों के अलावा गांव के पांच युवकों की मदद ली गई। 12 जुलाई को हरिद्वार में माता-पिता को गंगा स्नान कराकर कांवड़ उठाई थी। अशोक ने बताया कि वह दिन में आठ से 10 किमी की दूरी तय करते हैं। उन्होंने बताया कि पिता की इच्छा थी कि वह कांवड़ लाये, लेकिन अधिक उम्र होने के कारण हिम्मत नहीं हो रही थी। इसलिए पांचों बेटों ने उन्हें झूले में बैठाकर कांवड़ लाने का निर्णय लिया।'

 
विज्ञापन
Kanwar Yatra 2018 five brothers carried parents on kanwar like shravan kumar
Kanwar Yatra
उधर, महिला उन्नति प्रशिक्षण संस्थान ने पांच बेटों समेत 15 ऐसे लोगों को सम्मानित किया। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि इस तरह धूप में माता-पिता को 120 किलोमीटर तक ले जाना बेवकूफी है। उनका मानना है कि अगर वे भाई अपने माता-पिता ट्रेन या बस से हरिद्वार ले जाते तो वह ज्यादा आरामदायक होता। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed