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मानो या ना मानो, पर Facebook पर मुर्दों से बात कर रहे हैं लोग
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 24 Sep 2018 05:45 PM IST
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Facebook
पितृपक्ष शुरू हो चुका है। हिंदू रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग अपने पूर्वजों के लिए पिंड दान कर रहे हैं। वहीं, विदेशों में भी हैलोवीन और घोस्ट फेस्टिवल के रूप में लोग मरे हुए लोगों को याद कर रहे हैं? इन सबके बीच अगर हम आपसे यह कहें कि फेसबुक पर भी लोग मरे हुए लोगों से बात कर रहे हैं, तो आप मानेंगे?
sridevi and shivgami
मौत के बाद भी हो रहे स्टेटस अपडेट्स
श्रीदेवी हमारे बीच नहीं हैं। मगर मौत के चार दिन के अंदर ही उनके ट्वविटर अकाउंट से ट्वीट किया गया। मदर्स डे हो या बेटी की फिल्म रिलीज हो, श्रीदेवी लगातार सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ी हुई हैं। लोग भी उनके पोस्ट्स को पसंद करते हैं और शेयर कर रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक फेसबुक पर तीन करोड़ अकाउंट्स ऐसे लोगों के हैं जिनकी मौत हो चुकी है। हर दिन आठ हजार फेसबुक यूजर्स की मौत हो रही है।
श्रीदेवी हमारे बीच नहीं हैं। मगर मौत के चार दिन के अंदर ही उनके ट्वविटर अकाउंट से ट्वीट किया गया। मदर्स डे हो या बेटी की फिल्म रिलीज हो, श्रीदेवी लगातार सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ी हुई हैं। लोग भी उनके पोस्ट्स को पसंद करते हैं और शेयर कर रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक फेसबुक पर तीन करोड़ अकाउंट्स ऐसे लोगों के हैं जिनकी मौत हो चुकी है। हर दिन आठ हजार फेसबुक यूजर्स की मौत हो रही है।
facebook
एक अनुमान के मुताबिक साल 2060 तक फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे जीवित यूजर्स से दोगुनी तादाद उन फेसबुक यूजर्स की हो जाएगी जो मर चुके हैं। तो फिर ऐसे अकाउंट्स को बंद क्यों नहीं कर दिया जाता?
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facebook love
मरे हुए लोगों को भेजे जा रहे फ्रेंड रिक्वेस्ट
आपने भी इस चलन पर गौर फरमाया होगा कि जब किसी की मौत हो जाती है तब भी उसके चाहने वाले, करीबी यार-दोस्त, उसकी टाइमलाइन पर जाकर ऐसी बातें लिखते हैं, मानो उससे बात कर रहे हों, मानो फट से उस पर रिप्लाई आ जाएगा। मरे हुए इंसान की टाइमलाइन पर सिर्फ जन्मदिन और त्योहारों की बधाई ही नहीं बल्कि उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट तक भेजे जाते हैं। पहली नजर में यह बेवकूफी लगती है। मगर अगले ही पल यह एहसास भी होता है कि उस शख्स की कमी पूरी नहीं हो सकती, कम से कम उसकी टाइमलाइन पर पोस्ट्स डालकर उसकी मौजूदगी का एहसास तो कर ही सकते हैं।
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facebook twitter
मरे हुए लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स के डिलीट ना होने से भले ही 'डिजिटल कब्रिस्तान' बनता जा रहा हो। मगर उनकी याद और विरासत को संजोए रखने और अगली पीढ़ी को उस शख्सियत से जुड़े अहम दस्तावेज मुहैया कराने का इससे कारगर मंच कोई और है क्या?