फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

1 रुपए कम ही क्यों रखी जाती है वस्तुओं की कीमत, नहीं जानते होंगे आप

Wed, 21 Feb 2018 10:39 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 21 Feb 2018 10:39 AM IST
विज्ञापन
Do you know Why one rupee less price of the goods
demo
अगर आपने नोटिस किया हो कि जब भी आप किसी मॉल या मार्केट में जाते हैं तो वहां रखी वस्तुओं की कीमत कुछ इस प्रकार होती है, जैसे - 99, 299, 499 और  999 आदि। ये प्राइस टैग देखकर क्या कभी आपके मन में यह सवाल नहीं उठा कि आखिर ज्यादातर वस्तुओं की कीमत 1 रुपए कम ही क्यों रखी जाती है?  


इन वस्तुओं की कीमत पूरी भी तो रखी जा सकती थी। जैसे 100, 300, 500 और 1000 रुपए। आईए जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है...

 
Trending Videos
Do you know Why one rupee less price of the goods
demo
इसके पीछे विशेषकर 2 कारण माने जाते रहे हैं, जिनसे आम लोग नावाकिफ रह जाते हैं क्योंकि यह जानने के लिए उनमें जिज्ञासा नहीं रहती है। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्यों किया जाता है तो यह आर्टिकल जरूर पढ़ें। यकीनन यह जानकारी आपके लिए बेहद रोचक साबित हो सकती है। 
Do you know Why one rupee less price of the goods
demo
साइकोलॉजिकल मार्केटिंग की स्ट्रेटेजी
ऐसा करने के पीछे सबसे बड़ा कारण जो सामने आया है वो यह है की किसी भी वस्तु का एक रुपया कम कीमत तय किया जाना साइकोलॉजिकल मार्केटिंग की सोची समझी स्ट्रेटेजी होती है। मनोवैज्ञानिक तौर पर ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ग्राहक को उस वस्तु को खरीदने के लिए आकर्षित किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Do you know Why one rupee less price of the goods
demo
यह टेक्ट्स वाकयी कारगर साबित होते हैं। आप इसे इस तरह लीजिए जैसे मान लें, आप एक मॉल में शॉपिंग कर रहे हैं और आपको एक जींस लेनी है और उस पर कीमत लिखी है 499 तो एकबार के लिए आप इसे 500 समझ कर ही खरीदेंगे।

लेकिन यह बात भी सच है कि कई ग्राहक ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ वस्तु की आगे की कीमत ही देखता हैं जैसे- 499 लिखा है तो वो इसे 400 रुपए मानकर खरीदता है। लेकिन फिर भी उसे रूपए 499 ही देने है। ये ग्राहक को अपनी और आकृषित करने का तरीका है।
विज्ञापन
Do you know Why one rupee less price of the goods
demo
कालेधन से जुड़ा कारण 
किसी भी वस्तु के पीछे एक रुपया कम रखने से सेलर का ही फायदा होता है। आप तो एक रुपया सोच कर छोड़ देते हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है इस एक रुपए के पीछे सेलर कितनी ब्लैक मनी जमा कर देता है? आईए विस्तार से जानते हैं...

मान लीजिए की 100 सेलर्स के पास प्रतिदिन 100 कस्टमर ऐसे आए जिन्होंने उस एक रूपए को वापस नहीं लिया। अब एक साल का हिसाब लगाएं तो 100 गुणा 100 गुणा 365 = 3650000 रुपए। अब आप अंदाजा लगा लीजिए आपके एक-एक रुपए जोड़ने वाले इंसान के पास कितने पैसे ब्लैक मनी के तौर पर चले गए। 

बता दें कोई भी कंपनी नया प्रोडक्ट्स लॉन्च करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह लेते हैं। यही एक्सपर्ट्स कंपनी को ऐसे आइडिया देते हैं कि जिससे ग्राहक संतुष्ट रहें। हालांकि वह कंपनी की संतुष्टी को अपनी प्रायॉरिटी में सबसे ऊपर रखते हैं क्योंकि ये उन्हीं के लिए काम करते हैं। ऐसे में वे कंपनी के फायदे के तरीके ढूंढते हैं। इसलिए इस तरह की प्राइस टैगिंग के लिए एक्सपर्ट जनता के बीच जाकर ब्रेन मैपिंग करते हैं। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed