अक्सर जब हम थका हुआ महसूस करते हैं या फिर बोर हो रहे होते हैं तो अपनी उंगलिया चटकाने लगते हैं। इससे हमें आराम भी मिलता है और धारे-धीरे यह हमारी आदत भी बन जाती है। अकारण ही हम अपने शरीर के जोड़ों को चटकाने लगते हैं लेकिन क्या ऐसा करना सही है?
एक रिपोर्ट के अनुसार एक डॉक्टर ने इस बात का अध्ययन अपने ऊपर ही किया। वे बाएं हाथ के टखने को दिन में दो बार चटकाते थे लेकिन दाएं हाथ को नहीं। इतने लम्बे समय तक प्रयोग करने के बाद वे आखिरकार नतीजे पर पहुंचे।
उन्होंने पाया कि चटकाने वाले और ना चटकाने वाले हाथ, दोनों में कोई अंतर नहीं था। उन्हें गठिया की शिकायत भी नहीं हुई थी। बता इस पर पहले भी दूसरे लोगों रिसर्च कर चुके हैं।
रिसर्च में पाया गया कि इसका गठिया रोग से कोई लेना देना नहीं है। यह वजह एक भ्रांति भर है, लेकिन इससे एक दिक्कत हो सकती है। अगर आप अपनी उंगलियां बार-बार चटका रहे हैं तो आपकी इस आदत से दूसरे लोगों को दिक्कत हो सकती है।
इसलिए अब अगर कोई आपसे उंगलिया चटकाने पर तर्क करने लगे और कहे कि इससे खतरनाक बीमारी होने का खतरा है तो तुरंत उसे स्पष्ट करें और उस इंसान का भ्रम दूर करने की कोशिश करें।