अमेरिका में एक शख्स ने फार्मा कंपनी पर केस कर दिया है। कंपनी पर निजता के हनन का आरोप लगा है। केस करने वाले शख्स का कहना है कि कंपनी के कर्मचारी की एक गलती की वजह से उसकी शादीशुदा जिंदगी बर्बाद हो गई।
दरअसल, माइकल फेनबर्ग नामक शख्स काफी दिनों से न्यूयॉर्क के मेरिक रोड स्थित सीवीएस फार्मेसी से दवाईयां खरीद रहा था। अन्य दवाओं के साथ वह वायग्रा भी खरीदता था। मगर यह बात उसकी पत्नी को पता नहीं चल पाती थी।
फेनबर्ग जब भी दवाओं का ऑर्डर देता था, साथ में वायग्रा भी खरीदता था मगर उसका बिल अलग से बनवाता था। साथ ही स्टोर के कर्मी से यह भी कहता था कि वायग्रा की खरीद उसकी इंश्योरेंस में ना जोड़ी जाए। एक दिन उस शख्स की पत्नी ने अपनी दवाओं के लिए कंपनी को फोन किया। तब उसके कर्मी ने महिला को जाने-अनजाने यह जानकारी दे दी कि उसके पति वायग्रा का भी ऑर्डर देते हैं। जब पत्नी को यह बात चली तो उसने शादी तोड़ दी।
फेनबर्ग का आरोप है कि फार्मेसी कंपनी ने बिना इजाजत उसकी हेल्थकेयर की जानकारी पत्नी को दी। यह निजता का उल्लंघन है। उसका यह भी कहना है कि फार्मा कंपनी की वजह से ना सिर्फ उसकी शादी टूटी बल्कि उसे मानसिक और भावनात्मक नुकसान भी हुआ।