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अजीबोगरीब फैसले के इंतजार में 4 साल तक रखा रहा महिला का शव, इसके आगे की कहानी हैरान करने वाली
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:23 AM IST
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women in burka
बांग्लादेश में 4 साल से लंबित एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट के सामने यह बेहद अजीबोगरीब मामला था जिसके बारे में जानकर आपको हैरानी होगी...
supreme court of bangladesh
दरअसल, इस मामले में एक हिंदू महिला के शव को दफनाए जाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद था। लेकिन कोर्ट ने आखिरकार महिला के शव को दफनाए जाने का फैसला सुनाया। मामला क्या था आप भी जानकर हैरान रह जाएंगे। गौरतरब हो, इस विवाद की शुरूआत हुई 2013 में जब इस हिंदू महिला ने एक मुस्लिम पुरुष से शादी कर ली। दावा है कि महिला ने शादी के बाद अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था। हालांकि, दोनों के परिवार ने इस शादी को मानने से इनकार कर दिया और रिश्ता तोड़ने का दबाव बनाया। घरवालों के दबाव के चलते महिला का पति काफी परेशान हो गया था, जिसके बाद 2014 में शादी के एक साल बाद ही उसने सुसाइड कर लिया। महिला भी अपने पति के जाने से दुखी हो गई और 2 महीने बाद ही जहर खाकर उसने भी जान दे दी।
Grave
महिला की मौत के बाद उसके परिवारवालों ने शव को दफनाने का विरोध किया। एक तरफ यह कहा जा रहा था कि महिला ने शादी के बाद धर्म बदल लिया था, जबकि महिला के परिवारवालों का दावा था कि आत्महत्या से पहले उनकी बेटी फिर से अपने धर्म में वापस आ गई थी। महिला के परिवारवालों ने इस दलील के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपने बेटी के शव का हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करने की मांग की, जबकि लड़के के घरवाले महिला के शव को दफनाने की मांग कर रहे थे। पूरे देश में यह मामला चर्चा का विषय बना, जिसके बाद केस देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया।
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in bangladesh
कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बीते गुरुवार को इस पर फैसला दिया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि महिला ने क्योंकि इस्लाम धर्म अपना लिया था, इसलिए उसके शव को दफनाया जाना चाहिए। बता दें कि मौत के बाद से ही महिला के शव को शवगृह में रखा गया था। अब महिला को उसकी मौत के चार साल बाद दफनाया जाएगा। दोनों के परिवार ने इस शादी को मानने से इनकार कर दिया और रिश्ता तोड़ने का दबाव बनाया।