इस लिस्ट में सबसे पहले जाने ब्रीफ अवेयरनेस कैंपेन के बारे में। जैंड्ररों पोलोंबों ने इस कैंपेन को चलाया। इस कैंपेन में उन्होंने पैंटी के ऊपर ऐसे कई मैसेजस लिखे जिसे पढ़कर किसी को पता लगेगा कि एक औरत यौन-उत्पीड़न सहने के लिए नहीं बनी है। इससे बढ़कर वो एक इंसान है और इज्जत से जीना चाहती है।
यौन-उत्पीड़न के खिलाफ कैंपेन
महिलावादी विचारधारा रखने वाली औरतों की संख्या लगातार दुनिया में बढ़ती जा रही है। जर्मनी के कर्सरुहे में रहने वाली इलोन ने औरतों के साथ होने वाली यौन-हिंसा के खिलाफ सैनिटरी पैड्स पर कई तरह के मैसेज लिखकर किया। इसमें रेप-कल्चर को मिटाने और लैंग्कि समानता की बात की है।
यौन-उत्पीड़न के खिलाफ कैंपेन
यौन-उत्पीड़न पूरी दुनिया का एक ऐसा अहम मुद्दा है कि जिसके खिलाफ कई लोगों ने अपने-अपने तरीके से आवाजें बुलंद की हैं। इसमें एक महिला फोटोग्राफर लायोरा के फोटोग्राफी महिलावादी फोटाशूट के माध्यम से अपनी बात रखी। इसमें उन्होंने साफ किया कि एक महिला का शरीर उसका अपना किसी और का नहीं।
यौन-उत्पीड़न के खिलाफ कैंपेन
ऐसी कई खबरें आती रहती हैं जब नेता से लेकर कई प्रतिष्ठित पदों पर बैठे लोग औरतों के साथ होने वाली छेड़-छाड़ की घटनाओं और रेप के लिए उन्हीं के ड्रेसिंग-सेंस को जिम्मेदार ठहराते हैं। शिकागो में एक ऑर्गनाइजर वीरा किम ने स्लटवॉक का आयोजन करवाया। इस आयोजन में उन्होंने मॉडलों को कई तरह के बोर्ड देकर वॉक करवाया जिसमें जागरूकता से भरे मैसेज लिखे हुए थे।
यौन-उत्पीड़न के खिलाफ कैंपेन
अब जानिए प्रोजेक्ट अनब्रेकेबल के बारे में। 21 साल की एक विजुअल आर्टस् पढ़ने वाली एक छात्रा ग्रेस ब्राउन ने यौन-उत्पीड़न झेल चुकीं महिलाओं की तस्वीरें लीं। इसमें उसने उन्हें वो मैसेज लिखकर खड़े रहने को बोला जो उनपर अटैकरों ने रेप करते हुए या उसके बाद बोला था। ये वाकई दर्दनाक था।