उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रेलवे स्टेशन पर 72 साल के एक वृद्ध यात्री को शताब्दी ट्रेन में सिर्फ इसलिए नहीं घुसने दिया, क्योंकि उसने धोती पहन रखी थी। आज के दौर में किसी शख्स को सिर्फ कपड़ों के कारण ट्रेन में घुसने से रोक देना बहुत अजीब लगता है, लेकिन भेदभाव का ये मामला सामने आया है।
दरअसल, बाराबंकी के रहने वाले बाबा अवधदास शुक्रवार को इटावा स्टेशन पहुंचे। उनके पास शताब्दी ट्रेन की कन्फर्म टिकट थी, लेकिन जब वह ट्रेन में चढ़ने लगो तो सिपाही और कोट अटेंडेंट ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय परिधान धोती कुर्ता और चप्पल पहने हुई थी। देखने में वह काफी साधारण लग रहे थे।
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- फोटो : Facebook
अवधदास को ट्रेन में चढ़ने से तो रोका ही गया इसके साथ ही वहां खड़े सुरक्षाकर्मी ने भी उनका बहुत मजाक बनाया। एक वेबसाइट से बात करते हुए उन्होंने बताया- मैं जैसे ही ट्रेन के कोच में चढ़ने के लिए बढ़ा गेट पर खड़े सुरक्षाकर्मी ने मेरे कपड़ों का मजाक बनाया और मुझे नीचे उतरने के लिए कहा।
रामअवध दास के पास सी-2 कोच की 72 नंबर सीट की टिकट थी। उन्होंने सुरक्षाकर्मी और टीटीई को अपना टिकट दिखाया, लेकिन दोनों में किसी ने उनकी एक न सुनी। ट्रेन प्लेटफॉर्म पर दो मिनट के लिए ही रुकती है और ट्रेन चल पड़ी। रामअवध वहीं खड़े रह गए।
इस घटना के बाद रामअवध स्टेशन मास्टर प्रिंस राज यादव से मिले और शिकायत की। इसके बाद रेलवे अधिकारी ने उन्हें मगध एक्सप्रेस में सीट देने का ऑफर किया, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया।