बजट सुनकर आम आदमी की ऐसी हालत होगी किसने सोचा था। दरअसल, सरकार को दुकानदार व उपभोक्ताओं की हालत को देखकर बजट बनाना चाहिए। ऐसी कई मंहगी दवाईयां हैं, जिन्हें ग्राहक लेने से पहले कई बार सोचता है। कम से कम सरकार को दवाइयों पर से टैक्स को कम कर इन्हें सस्ता कर देना चाहिए। ऐसा कहना है एक 'आम आदमी' का। अभी बजट की घोषणा को कुछ ही वक्त गुजरा था कि सोशल मीडिया पर आम आदमी ने अपनी हालत बयां करनी शुरू कर दिया।
जी हां, सोशल मीडिया पर बजट-2018 को लेकर लोगों ने तस्वीरों की जबरदस्त बमबारी कर दी है। इनमें से कई तस्वीरें तेजी से शेयर की जा रही हैं। आप भी देखिए बजट के बाद आखिर क्या है आम आदमी का हाल...
क्यों... क्या समझे..?
बजट से पहले और बजट के बाद एक्सप्रेशन देना कोई इनसे सीखें
बस कर पगले अब रुलाएगा क्या..?
ये सवाल लाजवाब