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धरती पर ये है 'नर्क द्वार', इसके बारे में नहीं जाना तो क्या जाना
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
Updated Thu, 23 Nov 2017 09:19 AM IST
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Kola Superdeep hole
क्या आप जानते है धरती पर एक ऐसी जगह भी है जिसे 'नर्क का द्वार' कहा जाता है। सुनकर दंग रह गए न... दरअसल, बचपन से ही हम नर्क के बारे में सिर्फ किस्से-कहावतें ही सुनते आए हैं। लेकिन धरती पर सचमुच एक 'नर्क का द्वार' है। क्या आप इसके बारे में जानना नहीं चाहेंगे?
Kola Superdeep hole
ये 'नर्क का द्वार' रूस के कोला प्रायद्वीप में स्थित है। बताते हैं कि ये दुनिया में मौजूद सबसे गहरा बोरहोल है। इसकी तस्वीर देखकर ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। ये इतना भयानक नजर आता है कि मजबूत दिल वाले भी इसके नजदीक जाने से घबरा जाते हैं।
deepest hole of the world
iflscience.com की रिपोर्ट के मुताबिक इस नर्क के द्वार को 'कोला सुपरडीप बोरहोल' नाम से जाना जाता है। अमेरिकी वैज्ञानिकों को चुनौती देने के लिए 1970 में रूसी वैज्ञानिकों ने इस होल को खोदना शुरू किया था। इसकी खुदाई लगभग 19 साल तक की गई। उस समय वैज्ञानिक 12 किमी की गहराई तक पहुंच चुके थे लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें खुदाई का काम रोकना पड़ गया। आखिर क्या हुआ था ऐसा ?
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Kola Superdeep hole
रिसर्च बताती है कि रूसी वैज्ञानिक जमीन के जितना नीचे तक खुदाई करते जा रहे थे वैसे-वैसे उनकी राह में बाधाएं बढ़ती जा रही थी। फिर एक समय ऐसा आया कि खुदाई मशीन का तापमान तेजी से बढ़ने लगा। जब वे 12262 मीटर की गहराई पर पहुंचे तो मशीन ठप पड़ गई। आपको यकीन नहीं होगा उस वक्त का तापमान 180 डिग्री सेलसियस था। इसे जानकर वैज्ञानिक चौंक पड़े और तत्काल काम को रुकवा दिया गया। तब साइंटिस्ट्स ने इस होल का नाम Door to Hell यानी 'नर्क का द्वार' रख दिया।
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Kola Superdeep hole
हालांकि वैज्ञानिकों ने उस समय टारगेट डेप्थ 15000 मीटर तय किया था लेकिन उस समय दुनिया की सबसे अनोखी मशीन के यूं बंद पड़ जाने से वैज्ञानिक चिंताजनक स्थिति में आ गए थे। इस अनोखी मशीन का नाम Uralmash है जो मल्टी लेयर ड्रिलिंग सिस्ट वाली इस मशीन थी। गौरतलब हो, धरती का केंद्र 6400 किलोमीटर नीचे है, जहां तक पहुंचने का सोचा भी नहीं जा सकता। ये नर्क द्वार केवल जमीन में 12 किलोमीटर नीचे तक ही लेकर जा पाया जो उसका 0.2 पर्सेंट भी नहीं है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि धरती के गर्भ में पहुंचना कितना कठिनाई भरा काम है।