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भारत का एक शहर जहां न पैसा चलता है न सरकार, नहीं जानते होंगे आप
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 18 Jul 2018 11:11 AM IST
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Auroville
भारत में एक शहर ऐसा भी है जहां न तो धर्म है, न पैसा है और ना ही कोई सरकार। आप सभी यह सोच रहे होंगे कि भारत में तो शायद ही कोई ऐसा शहर हो। लेकिन यह सत्य है। इस जगह का नाम ऑरोविले है। आपको बता दें कि इस शहर की स्थापना 1968 में मीरा अल्फाजों ने की थी।
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Auroville
ऑरोविले नामक ये जगह चेन्नई शहर से केवल 150 किलोमीटर दूर है। इस जगह को सिटी ऑफ डॉन यानी भोर का शहर भी कहा जाता है। आप सभी को जानकर ताज्जुब होगा कि इस शहर को बसाने के पीछे सिर्फ एक ही मकसद रहा था। यहां पर लोग जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव से दूर रहें। यहां कोई भी इंसान आकर बस सकता है लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी गई है।
Auroville
शर्त सिर्फ इतनी सी है कि उसे एक सेवक के तौर पर यहां रहना होगा। यह एक तरीके की प्रयोगिक टाउनशिप है जो की विल्लुप्पुरम डिस्ट्रिक तमिलनाडु में स्थित है। मीरा अल्फाजों जिन्होंने इस शहर की स्थापना की वह श्री अरविंदो स्प्रिचुअल रिट्रीट में 29 मार्च 1914 को पुदुच्चेरी आई थी।
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Auroville
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद वह कुछ समय के लिए जापान चली गई थी लेकिन 1920 में वह वापस से यहा लौटी और 1924 में श्री अरविंदो स्प्रिचुअल संस्थान से जुड़ गई जिसके बाद से वह जनसेवा के कार्य करने लगी। भारत में मीरा अल्फाजों को लोग 'मां' कहकर पुकारने लगे थे।
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Auroville
1968 आते आते उन्होंने ऑरोविले की स्थापना कर दी जिसे यूनिवर्सल सिटी का नाम दिया गया जहा कोई भी कही से भी आकर रह सकता है। 'ओरोविले' शब्द का मतलब एक ऐसी वैश्विक नगरी से है, जहां सभी देशों के स्त्री-पुरुष सभी जातियों, राजनीति तथा सभी राष्ट्रीयता से ऊपर उठकर शांति एवं प्रगतिशील सद्भावना की छांव में रह सकें।