{"_id":"60f9535be20e151a7c5b218d","slug":"varanasi-lawyer-acharya-shyam-upadhyay-use-only-sanskrit-language-in-court","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अजब-गजब: कहानी भारत के एक ऐसे वकील की, जो हिंदी या अंग्रेजी में नहीं बल्कि संस्कृत में देते हैं दलील","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
अजब-गजब: कहानी भारत के एक ऐसे वकील की, जो हिंदी या अंग्रेजी में नहीं बल्कि संस्कृत में देते हैं दलील
दुनियाभर में लगभग 6900 भाषाओं का प्रयोग किया जाता है। बिना भाषा के हम अपने कोई भी कार्य या भावनाओं को दूसरे को नहीं बता सकते हैं। कुछ इसी तरह की एक भाषा है संस्कृत, जो दुनिया की सबसे पुरानी भाषा है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती भी कहा जाता है। हालांकि, तेजी से बदलते परिवेश में संस्कृत भाषा की पहचान सिमटती जा रही है। संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज 22 भाषाओं में अब संस्कृत की पहचान सबसे कम बोली जाने वाली भाषा के रूप में है।
आपको बता दें कि देववाणी संस्कृत को फिर से बोलचाल की भाषा बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक वकील ने कई दशकों से एक अनोखी मुहिम क्षेड़ रखी है। देशभर की अदालतों में वकील अक्सर हिंदी या अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन वाराणसी के ये वकील अदालत से जुड़े हर कामकाज में संस्कृत का इस्तेमाल करता है।
2 of 5
आचार्य श्याम उपाध्याय
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, हम जिस वकील के बारे में बात कर रहे हैं, उनका नाम है आचार्य श्याम उपाध्याय। श्याम उपाध्याय करीब 42 सालों से अपना सारा काम संस्कृत भाषा में ही करते हैं। पत्र लिखने से लेकर कोर्ट में जज के सामने बहस तक के लिए ये वकील संस्कृत भाषा को ही उपयोग में लाते हैं।
3 of 5
वाराणसी अदालत
- फोटो : सोशल मीडिया
आचार्य श्याम उपाध्याय संस्कृत भाषा से लगाव के पीछे की वजह अपने पिता को बताते हैं। ये वकील बचपन से ही इस बात को लेकर परेशान थे कि अदालत का कोई भी काम संस्कृत भाषा में नहीं होता है और सातवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान उन्होंने ठान लिया कि वे वकील बनेंगे और न्यायालय में संस्कृत भाषा का इस्तेमाल करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
वाराणसी अदालत
- फोटो : सोशल मीडिया
शुरुआती दौर में जब आचार्य श्याम उपाध्याय मुवक्किल के कागजात संस्कृत में लिखकर जज के सामने रखते थे, तो जज भी हैरान हो जाया करते थे। वाराणसी के अदालत में आज भी जब कोई नया जज आता है, तो श्याम उपाध्याय की भाषा शैली देख हैरत में पड़ जाता है।
विज्ञापन
5 of 5
आचार्य श्याम उपाध्याय
- फोटो : सोशल मीडिया
वकील आचार्य श्याम उपाध्याय काले रंग का कोट पहनने के साथ माथे पर त्रिपुंड और तिलक लगाते हैं। बता दें कि ये वकील अपने पास केस लेकर आए लोगों को भी बड़ी सहजता से संस्कृत भाषा में ही समझाते हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।