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दिल्ली का सबसे बड़ा रहस्य जिसके आगे विज्ञान भी हो गया फेल
फीचर टीम, अमर उजाला
Updated Sat, 08 Sep 2018 03:49 PM IST
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इस भागती दौड़ती दिल्ली में आज किसी के पास समय नहीं है। ये शहर दिल्ली प्राचीन काल से अाज तक कई घटनाओं और एतिहासिक चीजों का साक्षी बना है। इस शहर ने अपने अंदर बहुत से रहस्य छुपाए हुए हैं जो शायद ही कभी कोई जान पाएगा। जो किला कभी फिरोजशाह तुगलक की आंखों का तारा हुआ करता था आज वह दिल्ली में खंडहर पड़ा हुआ है। आज भी हजारों रहस्यों को इस किले ने संचित करके रखा हुआ है। यहां हर कोई जाने से डरता हैं क्योंकि यहां सारे तर्क खत्म हो जाते हैं और फिर शुरू होती है ऐसा आस्था जिसमें लोग मानने लगे है कि दिल्ली के इस किले में जिन्न रहते हैं।
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कहते हैं कि इस टूटीफूटी इमारत के पीछे एक जमाने में बेहद क्रूर सजा दी जाती थी। उन लोगों को जो लोग राजा से बगावत करते थे। और आज भी लोग मानते हैं कि वो लोग मरने के बाद भी आज जिन्न के रूप में वहां पर मौजूद है। रात को जो कोई इस किले में जाता है अगली सुबह उसकी लाश ही यहां मिलती है।
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रहस्यमयी तरीके से यहां मिलने वाली लाश इतनी बुरी तरीके से पाई जाती है कि मानों उसे रात में किसी ने बेहद निर्दयता से मौत के घाट उतारा है। इस किले के अंदर एक बावड़ी मौजूद है। उसमें आज भी पानी भरा रहता है। लेकिन सरकार ने इस बावड़ी बंद कर दी गई है। लोगों को मानना है कि इस बावड़ी का पानी पीने वाला कोई जिंदा नहीं बच पाया है।
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इस बावड़ी का रहस्य सुलझाने के लिए इसके पानी को जब शौध करने के लिए भेजा गया तो उसमें ऐसा कुछ नहीं निकला जिससे की इंसान की मौत हो जाए। फिर ऐसा क्या था इस बावड़ी में जो इसका पानी पीने से आदमी की मौत हो जाती थी।
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किंवदंतियों के अनुसार इस खंडहर में हर रात एक ऐसी शक्ति आती है जिसे देखने वाला या तो अंधा हो गया या फिर उसकी मौत हो गई। इस खंडहर के गार्ड और केयरटेकर ये बात मानने को तैयार नहीं कि यहां किसी तरीके की कोई शक्ति मौजूद है। वहीं लोग इस खंडहर में पैर रखने से भी कांपते हैं।