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चीन ने किया 'दिल' दहला देने वाला कारनामा, मानव युग में अब तक का सबसे बड़ा आविष्कार
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 18 Mar 2018 09:32 AM IST
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विज्ञान हर नए अनुसंधान के साथ मानव जीवन को अधिक सरल बनाता चला जा रहा है। आज विज्ञान के बढ़ते विकास के कारण मानव दुनिया के हर क्षेत्र में आगे है। वहीं कई ऐसे भी प्रयोग हैं जिसमें विज्ञान ने मानव के विनाश के लिए भी बहुत सी सामग्री दी है। लेकिन तेजी से बदलते दौर में हमें यह स्वीकारना होगा कि आज विज्ञान का ही युग है। जब तक इस क्षेत्र में बड़े प्रयोग नहीं होंगे प्रगति कहीं न कहीं थमी रहेगी। बस ये प्रयोग मानव जीवन की सुरक्षा के लिए हो न की उनके विनाश के लिए। आज हम ऐसे ही एक बड़े चमत्कार के बारे में अपने पाठकों को बताएंगे जो मानव युग का सबसे बड़ा आविष्कार माना जा रहा है...
Artificial heart
इस पर यकीन करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। दरअसल, आज से पहले ऐसा कोई आविष्कार नहीं किया गया है। इसलिए इसे मानव जीवन का सबसे बड़ा आविष्कार भी कहा जा रहा है। यदि वास्तव में ऐसा हुआ है तो यह वाकयी दुनिया के लिए बेहद बड़ी खबर साबित हो सकती है।
दरअसल, चीन के वैज्ञानिकों ने एक कृत्रिम हृदय यानी अर्टिफिशियल हार्ट विकसित करने का दावा किया है। आपने आर्टिफिशियल हार्ट के बारे में कई बार सुना होगा लेकिन जिस तकनीक से इस कृत्रिम दिल को विकसित किया गया है वह बेहद चौंकाने वाला है।
दरअसल, चीन के वैज्ञानिकों ने एक कृत्रिम हृदय यानी अर्टिफिशियल हार्ट विकसित करने का दावा किया है। आपने आर्टिफिशियल हार्ट के बारे में कई बार सुना होगा लेकिन जिस तकनीक से इस कृत्रिम दिल को विकसित किया गया है वह बेहद चौंकाने वाला है।
rocket technology
यह दिल रॉकेट तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है। बता दें अभी तक इस दिल का केवल जानवरों पर ही प्रयोग किया गया है। चाइना एकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी (सीएटीटी) और उत्तरी चीन के तियानजिन में टेडा इंटरनेशनल कार्डियोवास्कुलर हॉस्पिटल द्वारा संयुक्त रूप से इस दिल को बनाया गया था।
फिलहाल, इस दिल को जानवरों पर परीक्षण किए जाने के बाद जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच के दौरान इसको कई चरण के तहत परखा जाएगा। अगर यह दिल सभी परीक्षण पास कर लेता है तो वाकयी यह विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
फिलहाल, इस दिल को जानवरों पर परीक्षण किए जाने के बाद जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच के दौरान इसको कई चरण के तहत परखा जाएगा। अगर यह दिल सभी परीक्षण पास कर लेता है तो वाकयी यह विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
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doctor
चीन में बनाया गया यह पहला कृत्रिम हृदय
यह चीन में बनाया गया पहला कृत्रिम हृदय है। गौरतलब है कि 2013 में वैज्ञानिकों ने एक भेड़ में मानव का हृदय लगाया था, जो कि 120 दिनों तक जीवित रहा था। रॉकेट सिस्टम के तर्ज पर कृत्रिम हृदय में चुंबकीय और द्रव लेविटेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
इस तकनीक के इस्तेमाल से मशीन में घर्षण नहीं होता और इसके कार्य करने की क्षमता भी बढ़ जाती है। रॉकेट तकनीक के इस्तेमाल से खून को नुकसान नहीं पहुंचेगा और खून को भेजने वाले पंप लंबे समय तक कार्य कर सकेंगे।
यह चीन में बनाया गया पहला कृत्रिम हृदय है। गौरतलब है कि 2013 में वैज्ञानिकों ने एक भेड़ में मानव का हृदय लगाया था, जो कि 120 दिनों तक जीवित रहा था। रॉकेट सिस्टम के तर्ज पर कृत्रिम हृदय में चुंबकीय और द्रव लेविटेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
इस तकनीक के इस्तेमाल से मशीन में घर्षण नहीं होता और इसके कार्य करने की क्षमता भी बढ़ जाती है। रॉकेट तकनीक के इस्तेमाल से खून को नुकसान नहीं पहुंचेगा और खून को भेजने वाले पंप लंबे समय तक कार्य कर सकेंगे।
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heart
अभी बिक्री नहीं
चीन में अभी किसी भी तरह के कृत्रिम हृदय की बिक्री करने की इजाजत नहीं दी गई है। अब भी लोगों को हृदय ट्रांसप्लांट तकनीक पर ही निर्भर हैं। लेकिन माना जा रहा है कि भविष्य में चीन के लोगों को किसी कृत्रिम हृदय को आयात करने पर एक लाख यूरो की रकम खर्च करनी पड़ती।
इसलिए चीन ने खुद ही कृत्रिम हृदय विकसित करने की दिशा में कदम उठाया ताकि अपने निवासियों को जरूरत पड़ने पर कम पैसे में कृत्रिम हृदय उपलब्ध कराया जा सके।
चीन में अभी किसी भी तरह के कृत्रिम हृदय की बिक्री करने की इजाजत नहीं दी गई है। अब भी लोगों को हृदय ट्रांसप्लांट तकनीक पर ही निर्भर हैं। लेकिन माना जा रहा है कि भविष्य में चीन के लोगों को किसी कृत्रिम हृदय को आयात करने पर एक लाख यूरो की रकम खर्च करनी पड़ती।
इसलिए चीन ने खुद ही कृत्रिम हृदय विकसित करने की दिशा में कदम उठाया ताकि अपने निवासियों को जरूरत पड़ने पर कम पैसे में कृत्रिम हृदय उपलब्ध कराया जा सके।