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आखिर तानाशाह किम जोंग के देश में लोगों को क्यों करनी पड़ती है रोने की प्रैक्टिस? जानिए इसके पीछे की वजह

Mon, 07 Dec 2020 06:35 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Mon, 07 Dec 2020 06:35 AM IST
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North Korea Dictator Kim Jong Un Mourning Ritual
किम जोंग उन - फोटो : सोशल मीडिया

दुनिया में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति हो, जो उत्तर कोरिया के 'तानाशाह' किम जोंग उन को न जानता हो। किम जोंग अक्सर अपने कारनामों की वजह से चर्चा में रहते हैं। वैसे उत्तर कोरिया को एक 'गुप्त देश' माना जाता है। क्योंकि यहां की बातें बाहरी दुनिया में बहुत कम ही पहुंचती हैं और उसकी वजह है किम जोंग का तानाशाही रवैया। बता दें कि उत्तर कोरिया में शासक की मौत के बाद उसके लिए रोने का भी रिवाज है। अगर कोई इस रिवाज को नहीं पूरा करता है, तो किम परिवार उसे सजा देता है।

North Korea Dictator Kim Jong Un Mourning Ritual
किम जोंग उन - फोटो : सोशल मीडिया

किम जोंग उन साल 2011 में अपने पिता किम जोंग इल की मौत के बाद उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता बने थे। उनके दादा किम-II सुंग उत्तर कोरिया के संस्थापक और पहले नेता थे, जिनकी मौत साल 1994 में हुई थी। इसके बाद किम जोंग उन के पिता किम जोंग इल ने सत्ता संभाली। कहते हैं कि उत्तर कोरिया के हर घर में किम जोंग के पिता और उनके दादा की तस्वीरें लगाना अनिवार्य है।

North Korea Dictator Kim Jong Un Mourning Ritual
किम जोंग उन - फोटो : सोशल मीडिया

किम जोंग इल की मौत के बाद प्रजा को शोक सभा में खुलकर रोने का आदेश मिला। इस शोक सभा में लोग पूरे दम से चिल्ला-चिल्लाकर और छाती पीटकर रोए और जो ठीक से नहीं रो सका, वो अगले ही दिन गायब हो गया। इस बात की मीडिया में भी काफी चर्चा रही थी। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, शासक की मौत के बाद नए राजा किम जोंग उन ने पिता के लिए बहुत सी शोकसभाएं रखीं। इन शोकसभाओं में जनता को आकर रोकर ये साबित करना था कि वे पुराने राजा से प्यार करते थे।

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North Korea Dictator Kim Jong Un Mourning Ritual
किम जोंग उन - फोटो : पीटीआई

शोकसभाओं में रोना किम परिवार के लिए उनकी वफादारी का भी सबूत था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये शोकसभाएं 10 दिनों तक चलीं, जिसमें युवा, बच्चे, बूढ़े, औरत-मर्द सबके लिए रोना अनिवार्य था। इतना ही नहीं इन शोकसभाओं के दौरान ये नोट किया गया कि कौन-कौन उतनी ठीक तरह से नहीं रो रहा था। इसे किम परिवार के प्रति वफादारी में कमी माना गया।शोकसभाओं में रोना किम परिवार के लिए उनकी वफादारी का भी सबूत था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये शोकसभाएं 10 दिनों तक चलीं, जिसमें युवा, बच्चे, बूढ़े, औरत-मर्द सबके लिए रोना अनिवार्य था। इतना ही नहीं इन शोकसभाओं के दौरान ये नोट किया गया कि कौन-कौन उतनी ठीक तरह से नहीं रो रहा था। इसे किम परिवार के प्रति वफादारी में कमी माना गया।

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North Korea Dictator Kim Jong Un Mourning Ritual
किम जोंग उन - फोटो : सोशल मीडिया

10 दिन की शोकसभा के बाद क्रिटिसिज्म सेशन हुआ, जिसमें किम खुद उपस्थित थे। इस सेशन में तय हुआ कि ठीक से नहीं रोने वालों को तुरंत 6 महीने की कड़ी कैद में रखा जाए। इसके बाद हजारों दोषियों को रातोंरात घर से उठा लिया गया। कम रोने की वजह से बहुतों का पूरा का पूरा परिवार ही महीनों लेबर कैंप में रहा।

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