बोइंग कंपनी का एक विमान अपने शुरुआत के दो साल में ही कुल 346 लोगों की जान ले ली। हालांकि, इस विमान को सुरक्षा नियमों में धोखाधड़ी करने का दोषी मान लिया गया है। अमेरिका के न्याय विभाग ने बड़ा फैसला सुनाते हुए बोइंग कंपनी को हर्जाने और जुर्माने के तौर पर 2.5 बिलियन डॉलर का भुगतान करने को कहा है। बोइंग कंपनी के इस विमान का नाम 737 मैक्स एयरक्राफ्ट है। इस विमान के वजह से दो भीषण क्रैश हुए।
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737 मैक्स एयरक्राफ्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
न्याय विभाग के मुताबिक, बोइंग भी सेटलमेंट के लिए तैयार हो गया है। 737 मैक्स एयरक्राफ्ट से हुए दुर्घटना में मारे गए लोगों और कर्मचारियों के परिवारों को हर्जाना और नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भरा जाएगा। बोइंग कंपनी ने इस विमान को साल 2017 में शुरू किया गया था। 29 मई, 2018 को इंडोनेशिया के लॉयन एयर के लिए उड़ान भरते हुए यह विमान समुद्र में समा गया था।
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737 मैक्स एयरक्राफ्ट
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हालांकि, इसके बावजूद भी बोइंग ने इस विमान की सेवाओं को जारी रखा। दूसरी दुर्घटना 10 मार्च 2019 को हुई। इस दौरान इथियोपियन एयरलाइंस का विमान क्रैश हो गया। बता दें कि इन दोनों दुर्घटनाओं में कोई भी जिंदा नहीं बचा था और कुल 346 लोगों की जान चली गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
इन दोनों दुर्घटनाओं के बाद बोइंग ने अपने ऑटोमेटिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में बदलाव किया था। कंपनी ने पाया कि एक सेंसर की गलत रीडिंग क्रैश का कारण बनी थी। इसके बाद विमान के डिजाइन में बदलाव किया गया, ताकि सेंसर हमेशा काम करते रहें। साथ ही विमान के टोमेटिक सिस्टम को कम शक्तिशाली बनाया गया, ताकि पायलट इस पर अपना कंट्रोल बनाए रखे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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2019 में बंद हो गई सेवा
737 मैक्स एयरक्राफ्ट से हुए दो क्रैश के बाद मार्च, 2019 में इसकी सेवाओं को रोक दिया गया था। जनवरी 2020 तक करीब इसके 400 विमान खड़े रहे थे। इसके बाद विमान में तकनीकी बदलाव कर मई में इसका उत्पादन फिर से शुरू किया गया और नवंबर 2020 में फिर से इसे सेवा के लिए फिट घोषित कर दिया गया।