डॉलफिन के इंसान से दोस्ती और समझ बूझ के किस्से कई सुने होंगे आपने, लेकिन आज हम आपको बताएंगे सेना में शामिल डॉल्फिनों के बारे में। आप हैरान हो रहे होंगे क्योंकि आज तक आपने कुत्तों को सेना में सुना होगा, लेकिन आपको बता दें युक्रेन की डॉल्फिनों ने देशभक्ति की ऐसी मिसाल पेश की है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।
युक्रेन के एक अधिकारी ने दावा किया है कि उनकी डॉल्फिन ने दुश्मन देश के कब्जे में जाने के बाद जान दे दी। डेली मेल की खबर के मुताबिक, उक्रेन सेना में नेवी मिशन के लिए कई डॉल्फिन को जासूसी की स्पेशल ट्रेनिंग देकर तैयार किया था।
ये डॉल्फिन जासूसी करने के साथ बम प्लांट करने और शिप या सबमरीन को उड़ाने के लिए भी ट्रेंड थीं। ये सैनिकों के साथ उनकी सीटियों का जवाब देकर बात किया करती थीं।
युक्रेन की मीडिया संस्था ओबोजरावाटेल से क्रिमिया में युक्रेन के प्रतिनिधी बॉरिस बाबिन अधिकारी ने दावा किया है कि ये सारी डॉल्फिन मर चुकीं हैं। उनके मुताबिक इन डॉल्फिनों को रूस ने कब्जे में ले लिया था जिसके बाद रूसी अधिकारियों ने इन्हें निर्देश दिए जो उन सभी ने मानने से इंकार कर दिया था।
अधिकारी का यह भी दावा है कि डॉल्फिनों ने उन्हें आक्रमणकारी समझते हुए उनके हाथ का खाना भी नहीं खाया और भूख हड़ताल पर रहते हुए उनकी मौत हो गई। अधिकारी का कहना है कि देशभक्त रहते हुए इन डॉल्फिन ने जान दी है।