कार बाजार में आजकल आने वाली कारों में कई एडवांस फीचर्स और सिस्टम देखने को मिलते हैं। ऐसे में कार में मिलने वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम काफी अहम भूमिका निभाता है। इंफोटेनमेंट सिस्टम की वजह से ही लोग कार के भीतर म्यूजिक से लेकर नेविगेशन तक का काम आसानी से कर पाते हैं। हालांकि, कारों में इंफोटेनमेंट स्क्रीन का साइज अलग-अलग होता है। इसके साथ ही कई कारों में इंफोटेनमेंट सिस्टम काफी पुराने मॉडल और फीचर्स के साथ आता है। ऐसे में अगर आप गाड़ी के इंफोटेनमेंट सिस्टम को बदलने की सोच रहे हैं और ऑफ्टरमार्केट से नया इंफोटेनमेंट सिस्टम इंस्टाल करवाने की तैयारी कर रहे हैं तो एक बार नीचे दी गई जानकारी को जान लीजिए।
तालमेल की कमी
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कार में इंफोटेनमेंट सिस्टम बदलवाने से गाड़ी पर कई तरह के प्रभाव पड़ते हैं। अगर आप कंपनी से अलग जाकर मतलब ऑफ्टरमार्केट से इंफोटेनमेंट सिस्टम लगवाना चाहते हैं तो इससे नुकसान हो सकता है। जी हां, कई बार ऑफ्टरमार्केट से लगवाया गया इंफोटेनमेंट सिस्टम कार के अन्य फीचर्स के साथ सही तरीके से तालमेल नहीं बिठा पाता है। ऐसे में कार में दिक्कत आ सकती है।
इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी
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कार निर्माता कंपनी से अलग अगर कार में ऑफ्टरमार्केट से इंफोटेनमेंट सिस्टम लगवाया जाए तो कई बार गाड़ी में कुछ इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी हो जाती है। दरअसल, ऑफ्टरमार्केट से मिलने वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम कंपनी से अलग होता है। ऐसे में कार की वायरिंग और ऑफ्टरमार्केट इंफोटेनमेंट सिस्टम के बीच सेट नहीं हो पाता है और बाद में परेशानी खड़ा करता है।
खत्म हो जाती है वारंटी
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आपको जानकारी के लिए बता दें कि ऑफ्टरमार्केट का इंफोटेनमेंट सिस्टम लगाने के बाद कंपनी द्वारा निर्धारित की गई वारंटी समाप्त हो जाती है। इस वजह से कार में मोटा खर्चा करना पड़ता है। ऐसे में अगर आप ऑफ्टरमार्केट से गाड़ी का इंफोटेनमेंट सिस्टम कार में लगवाने की सोच रहे हैं तो इस बात का खास ध्यान रखें।
सेफ्टी फीचर्स में दिक्कत
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कार में ऑफ्टरमार्केट से इंफोटेनमेंट सिस्टम लगवाने से कई बार कार के सेफ्टी फीचर्स में दिक्कत होने लगती है। दरअसल, ऑफ्टरमार्केट का इंफोटेनमेंट सिस्टम कंपनी से अलग होता है। ऐसे में इसमें सुरक्षा मानकों का सही तरीके से ध्यान नहीं रखा जाता है। काफी लोगों को इस बात की सही जानकारी नहीं होती है, इस वजह से कार की सेफ्टी सेटिंग में गड़बड़ी हो जाती है।