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ओला-उबर में करते हैं यात्रा, तो हो जाएं सावधान
अमित द्विवेदी, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 03 Feb 2017 05:12 PM IST
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ओला-उबर
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पैसा खुदा तो नहीं पर खुदा से कम भी नहीं। यह वाक्य एक समय बहुत मशहूर हुआ था जब एक नेता स्टिंग ऑपरेशन में फंसे थे। लेकिन आजकल एक मुसीबत लोगों को अपने जाल में बुरी तरह से फंसा रही है और वो है ड्राइविंग के जरिए पैसा कमाने की लत। पिछले डेढ़-दो सालों में ओला-उबर के जरिए पैसा कमाने वालों की संख्या में बाढ़ सी आ गई है। आप जितनी ड्यूटी करोगे उतना पैसा कमाओगे। और इसके आगे लोग अपने शरीर को टॉर्चर कर रहे हैं। सड़क पर मौजूद ज्यादातर ओला-उबर के ड्राइवर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और गाड़ी का खर्चा निकालने के लिए खुद का शोषण कर रहे हैं। आइए बताते हैं हम ऐसा क्यूं बोल रहे हैं।
ओला-उबर का जादू
ऑनलाइन कैब बुकिंग
ओला और उबर के जरिए लोग ऑनलाइन कैब बुकिंग करके सस्ते में अपनी मंजिल तक पहुंच जाते हैं। लेकिन कभी आपने सोचा है कि जिसके साथ आप राइड लेने जा रहे हैं वह कबसे नहीं सोया है। मौजूदा समय में ओला-उबर की लाखों गाड़ियां देश के विभिन्न शहरों में दौड़ रही हैं। बहुत से लोग अपनी बढ़िया नौकरियां छोड़कर गाड़ी फाइनेंस कराके ओला उबर की गाड़ियां चलाने लगे हैं।
आंकड़ों पर एक नजर
सबसे ज्यादा ओला-उबर कैब मेट्रो सिटीज में सफल हैं
ओला की बात करें देश के 12 से अधिक शहरों में कंपनी की 4 लाख 50 हजार गाड़ियां दौड़ रही हैं। जबकि वहीं दूसरी ओर उबर देश के 29 शहरों में अपनी सेवाएं उपलब्ध करवा रहा है। सबसे ज्यादा ओला-उबर कैब मेट्रो सिटीज में सफल हैं जैसे कि दिल्ली, बेंग्लूरू, मुंबई, पुणे आदि।
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क्यों है दिक्कत
ओला-उबर की गाड़ियों के एक्सीडेंट में भी इजाफा हो रहा है
ओला और उबर दोनों ही कंपनियां ड्राइवरों का उत्साहवर्धन करने के लिए तरह-तरह की स्कीम लागू कर रखी हैं। इनमें ड्राइवर जितनी ड्यूटी करेगा उसको उतना ही फायदा होगा। इसलिए एक ड्राइवर ज्यादा से ज्यादा गाड़ी चलाने के चक्कर में अपनी डिवाइस बंद ही नहीं करता। ओला-उबर की गाड़ियों के एक्सीडेंट में भी इजाफा हो रहा है जिसमें मुख्य वजह ड्राइवर को ड्राइविंग के दौरान नींद आ जाना है।
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क्या है निदान
ड्राइवर
इन कंपनियों को कोई ऐसी एडवाइजरी लागू करनी चाहिए जिसमें ड्राइवर एक लिमिट के आगे खुद न पहुंच पाए। ऐसा करके न सिर्फ ड्राइवर सेफ होगा बल्कि उसके साथ बैठे हुए यात्री भी सुरक्षित रहेंगे। अभी तक ड्राइवर जब तक डिवाइस नहीं बंद करेगा तब तक उसे ड्यूटी मिलती रहेगी और हर किसी को अपनी गाड़ी का लोन चुकाने की जल्दी है।