एक दिन पहले ही हमने अपने पाठकों को बताया था कि किस तरह बंगलूरू ट्राफिक पुलिस ने ज्यादा आवाज करने वाले मोटरसाइकिल एग्जॉस्ट पर रोड रोलर चढ़वा दिया था। इसके एक दिन बाद एक और वीडियो इंटरनेट पर सुर्खियां बटोर रही है, जिसमें पुलिस एक नए तरीके से जब्त किए गए मोटरसाइकिल एग्जॉस्ट को तोड़ रही है।
वीडियो में पुलिसवाले एक मशीन का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। यह एक प्रकार की हाइड्रॉलिक मशीन है, जिसके जरिए जब्त किए गए एग्जॉस्ट को बीच से तोड़ा जा रहा है। बता दें कि पिछले कुछ महीने से बंगलूरू ट्राफिक पुलिस तेज आवाज करने वाले एग्जॉस्ट (साइलेंसर) के खिलाफ मुहिम चला रही है, खासकर रॉयल एनफील्ड में पाए जाने वाले। इसी प्रकार की मुहिम केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी चलाई जा रही है।
बता दें कि भारत के मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक, वाहन में अधिकतम 80 डेसिबल आवाज वाले साइलेंसर लगाए जा सकते हैं। इससे अधिक आवाज वाले साइलेंसर को ध्वनि प्रदूषण में गिना जाएगा और पुलिस इसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
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Bangalore Police Royal Enfield exhausts
हालांकि अधिकतर पुलिस वालों के पास इस ध्वनि का मापने के लिए किसी प्रकार का डेसिबल मीटर नहीं होता। वो सिर्फ आवाज सुनकर अंदाजा लगाते हैं कि कौन सा साइलेंसर तेज आवाज कर रहा है। अधिकतर बाइक चालकों का कहना है कि इस आधार पर बाइक का साइलेंसर जब्त करना अवैज्ञानिक है।
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royal enfield classic 350
यह भी बताते चलें कि बिना RTO की अनुमति के वाहन में किसी प्रकार का बदलाव कराना गैर कानूनी है और पुलिस इस आधार पर भी कार्रवाई कर सकती है।