कई राज्यों में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लागू होने के बावजूद देश में वाहन चोरी के मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। वाहन चोरी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं अब सरकार ने एक ऐसी टेक्नोलॉजी को अनुमति दी है, जिससे वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगेगी। वहीं इसकी कीमत भी मात्र एक हजार रुपये के आसपास होगी।
अब गाड़ी नहीं हो सकेगी चोरी, सरकार ला रही यह खास टेक्नोलॉजी, कीमत 1000 रुपये से कम
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क्या है MicroDot टेक्नोलॉजी
सरकार ने वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए हाल ही में MicroDot टेक्नोलॉजी को लागू करने की मंजूरी दी है। इन माइक्रोडॉट्स का इस्तेमाल वाहनों पर किया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी के तहत यूनिक नंबर और व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर वालें लेजर बेस्ड हजारों छोटे-छोटे माइक्रोडॉट्स को कार की पूरी बॉडी पर स्प्रे किया जाएगा। इंजन पर भी इन माइक्रोडॉट्स का स्प्रे किया जाएगा। इन नैनो माइक्रोडॉट्स का साइज 0.5 एमएम होगा
पूरी गाड़ी पर होगा स्पे
वहीं इस स्प्रे की खासियत होगी कि इन डॉक्ट्स को हटाना या खत्म करना मुश्किल होगा। साथ ही, इन डॉट्स को अल्ट्रावॉयलेट लाइट के जरिए देखा जा सकेगा। इस टेक्नोलॉजी के लागू होने के बाद कार चोरों को चोरी करना मुश्किल होगा। हालांकि दक्षिणी अफ्रिका में सितंबर 2012 से और अमेरिका में इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा है। इस टेक्नोलॉजी के जरिए चोरी हुए वाहनों और उनके मालिकों के बारे में चुटकियों में पता लगाया जा सकेगा। यहां तक कि कार पुर्जे पुर्जे भी अलग कर दिए जाएं, तो भी कार की डिटेल्स पता लगाई जा सकती हैं।
सरकार ने दी हरी झंडी
माइक्रोडॉट टेक्नोलॉजी को लागू करने को लेकर कई दिनों से विचारविमर्श चल रहा था, लेकिन सरकार ने अब इसे लागू करने को लेकर हरी झंडी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश की ऑटोमोबाइल टेक्निकल स्टैंडर्ड्स का आंकलन करने वाली संस्था CMVR-TSC ने भी इसके स्टैंडर्ड्स को लेकर बैठक की थी, जिसमें इसे मंजूरी दी गईष। वहीं जल्द ही एक नोटिफिकेशन के जरिए इसे देशभर में लागू किया जाएगा।
कीमत हजार रुपये तक
वहीं सरकार ने इस टेक्नोलॉजी की कीमतों को भी मंजूरी दे दी है। सरकार का मामना है कि जैसे-जैसे यह टेक्नोलॉजी विस्तृत रूप लेगी, कीमतें भी उसी के मुताबिक कम होती चली जाएंगी। इस टेक्नोलॉजी की कीमत 1000 रुपये से कम रखी जा सकती है।