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वाहन मालिकों को मिली बड़ी राहत, अब गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना...
उत्तर प्रदेश में रहने वाले सभी वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब यहां अप्रैल 2019 से पहले के वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगावाना अनिवार्य नहीं होगा। आसान भाषा में कहें तो अगर आपने अप्रैल 2019 से पहले दोपहिया या चार पहिया वाहन खरीदा था, तो अब उस पर एचएसआरपी लगाना जरूरी नहीं है। दरअसल परिवहन विभाग ने एसएचआरपी लगवाने की अनिवार्यता पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इसके चलते अब 22 अक्तूबर 2020 को विभाग की तरफ से जारी किए गए दिशा निर्देश को वापस ले लिया गया है।
रोक के पीछे का क्या है कारण?
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दरअसल, वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इनमें पोर्टल से जुड़ी समस्याएं भी शामिल थीं। इसके अलावा कई जगहों पर मनमाने पैसा वसूलने की भी शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं सब बातों को देखते हुए प्रशासन ने अगले आदेश तक एचएसआरपी को अनिवार्य करने पर रोक लगा दी है।
होम डिलीवरी की सेवा को पसंद कर रहे ग्राहक
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इससे पहले दिल्ली में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) और कलर कोडेड स्टिकर की होम डिलीवरी शुरू हो गई। इस सुविधा को वाहन मालिकों की तरफ से काफी पसंद भी किया जा रहा है। दिल्ली में एचएसआरपी का दायरा 500 से भी ज्यादा कॉलोनियों में पहुंच चुका है। मिली जानकारी के मुताबिक अब होम डिलीवरी के लिए ज्यादा आवेदन आ रहे हैं।
नंबर प्लेट लगाने वाली कंपनियों से बात करने पर पता चला है कि हर रोज 1500 से 1700 हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की दिल्ली में होम डिलीवरी की जा रही है। इसके तहत कंपनी के कर्मचारी वाहन मालिकों के घर जाकर नंबर प्लेट लगा रहे हैं।
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होम डिलीवरी के लिए कितना शुल्क देना होगा?
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हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) और कलर कोडेड स्टिकर की होम डिलीवरी के लिए वाहन मालिकों को अतिरिक्त भुगतान करना है। इनमें दो-पहिया वाहन के लिए 125 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए 250 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। एचएसआरपी और कोडेड स्टिकर लगाने की पूरी प्रक्रिया की ग्राहकों को एसएमएस के जरिए जानकारी दी जा रही है।
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एचएसआरपी लगवाने में कितना खर्च आएगा?
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अलग-अलग वाहनों के लिए एचएसआरपी की कीमतें अलग-अलग हैं। जैसे कार के लिए इसकी कीमत 600 से 1000 रुपये के बीच है। वहीं, दो पहिया वाहनों के लिए इसकी कीमत 300 से 400 रुपये तक है।
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