लॉकडाउन के बाद ट्रैक्टरों की बंपर बिक्री किस तरफ कर रही है इशारा, क्या है देश का मूड?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नुकसान छोड़िए, फायदे की तरफ बढ़ रहा है सेगमेंट
लॉकडाउन के बाद मई और जून महीने में हुई ट्रैक्टरों की बंपर बिक्री से अब घाटे की बात तो छोड़िए, इंडस्ट्री को उम्मीद है कि साल के अंत में इस सेगमेंट में 5 फीसदी तक का मुनाफा देखा जा सकता है।
लॉकडाउन के पहले और बाद की बिक्री
- फरवरी 2020 में 64,937 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई थी
- मार्च 2020 में 35,216 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई
- अप्रैल 2020 में 12,456 यूनिट्स बिके
- मई 2020 में 64,860 यूनिट्स की बिक्री हुई
- जून में 62,595 ट्रैक्टरों की खरीदारी हुई (इस आंकड़े में छोटे ट्रैक्टर कंपनियों की बिक्री शामिल नहीं की गई है)
इन आंकड़ों को देखें तो फरवरी ( लॉकडाउन से पहले) में सबसे ज्यादा ट्रैक्टरों की बिक्री जरूर हुई थी। लेकिन मई में हुई बिक्री लगभग-लगभग फरवरी के बराबर ही है। वहीं, जून में भी ट्रैक्टरों की भारी बिक्री हुई
पिछले साल के जून महीने का टूटा रिकॉर्ड
लॉकडाउन के बाद जून महीने में हुई बिक्री ने पिछले साल जून महीने में हुई बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जून 2019 के मुकाबले जून 2020 में ट्रैक्टरों की बिक्री में 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून महीने में सोनालिका ग्रुप के 13,691 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई है। कंपनी का मार्केट शेयर 15.4 फीसदी बढ़ा है। ऐसे में कंपनियों को अब केवल लेबरों की कमी खल रही है।
क्यों बढ़ रही है ट्रैक्टरों की बिक्री
जानकारों का मानना है कि लॉकडाउन के चलते प्रवासियों की अपने घरों की तरफ वापसी ट्रैक्टरों की बिक्री का एक बड़ा कारण हो सकता है। दरअसल प्रवासी मजदूरी की घर वापसी के कारण अब गांव और दूर दराज के इलाकों में काम बढ़ गया है, जिसके चलते ट्रैक्टरों की बिक्री बढ़ सकती है।