शुक्र ग्रह 11 अगस्त दिन बुधवार को कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। शुक्र इससे पहले सूर्य की राशि सिंह राशि में थे, अब वह बुध की राशि कन्या में प्रवेश करेंगे। शुक्र कन्या राशि में 6 सितंबर तक रहेंगे और इसके बाद तुला राशि में गोचर करेंगे। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को एक शुभ ग्रह बताया गया है, जिनको वृष और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। वहीं शुक्र भोग विलास, शारीरिक सुख, वैवाहिक सुख आदि का कारक ग्रह बताया गया है। शुक्र का ज्योतिषशास्त्र में महत्वपूर्ण स्थान है। कला के क्षेत्र में अधिकांश वही लोग होते हैं जिनका शुक्र उच्च का होता है। शुक्र को कला, प्रेम, सौंदर्य और सांसारिक तथा भौतिक सुखों का कारक कहा जाता है। शुक्र को मीन राशि में उच्च तो कन्या राशि में नीच का माना जाता है। शुक्र के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर शुभ-अशुभ रूप से पड़ेगा। आइए जानते हैं सभी बारह राशियों पर शुक्र ग्रह के गोचर का प्रभाव-
Venus Transit 2021: आज शुक्र का कन्या राशि में गोचर, इन राशियों के भाग्य में करेगा वृद्धि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेष जातकों के लिये शुक्र का परिवर्तन राशि से छठे स्थान में यानि कन्या राशि में हो रहा है।शुक्र आपके द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं कानूनी विवादों को देखा जाता है।शुक्र कन्या राशि में नीच के माने जाते हैं इसलिये यह समय आपके लिये नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। विशेषकर सेहत के मामले में आपको थोड़ा अधिक सावधान रहने की आवश्यकता रहेगी। हालांकि शुक्र आपके लिये धन प्राप्ति के योग भी बना रहे हैं।
आपकी राशि से शुक्र नीच के होकर पंचम स्थान में दाखिल हो रहे हैं।शुक्र आपके प्रथम यानी लग्न और षष्टम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली में इस भाव को, संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। संतान, शिक्षा व प्रेम संबंधों के मामले में यह समय चिंतिंत करने वाला रह सकता है। जो विवाहित जातक संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं उन्हें हो सकता है अपेक्षित परिणाम इस समय न मिलें या अतिरिक्त प्रयास करने पड़ें। आपका स्वास्थ्य तो ठीक रहने के आसार हैं लेकिन खर्चों में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
आपकी राशि से शुक्र नीच के होकर चौथे भाव में गोचर करेंगें। शुक्र आपके द्वादश और पंचम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है।आपके लिये रोमांटिक जीवन में यह समय परेशानियां लेकर आ सकता है। इस समय आपको मानसिक तनाव से भी गुजरना पड़ सकता है। यदि मकान, वाहन या अन्य कोई बड़ी खरीददारी करने के इच्छुक हैं तो फिलहाल कोई जल्दबाजी न दिखाई न ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय इस समय लें।
राशि वालों के लिये शुक्र का परिवर्तन पराक्रम स्थान में हो रहा है। शुक्र आपके एकादश और चतुर्थ भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से तृतीय भाव में प्रस्थान करेंगे। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इस समय निकटत्तम संबंधियों के साथ वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं विशेषकर छोटी बहन से दूरियां बढ़ने के आसार हैं। कर्क राशि की जातिकाओं के लिये तो यह समय विशेष रूप से नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। जो जातक पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें इस समय परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है।