सभी देवों में प्रथम पूज्य रिद्धि-सिद्धि को देने वाले श्री गणेशजी का जन्मदिन 22 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा।इस दिन विधिवत इनकी स्थापना करके आपको गणेशजी की कृपा तो प्राप्त होगी ही साथ में आपके घर के वास्तुदोष भी समाप्त हो जाएंगे। वास्तुशास्त्र कहता है कि गणेशजी की आराधना के बिना वास्तु देवता की संतुष्टि नहीं होती है। इसलिए गणपति की आराधना से व्यक्ति हर वास्तु दोष को दूर कर सकता है। वास्तु पुरुष की प्रार्थना पर ब्रह्माजी ने मानव कल्याण के लिए वास्तुशास्त्र के नियमों की रचना की थी। इनकी अनदेखी करने पर गृहकलेश की स्थिति बनती है और घर के सदस्यों को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। इसलिए वास्तु दोष निवारण के लिए भगवान गणेश की पूजा का विधान है। भवन निर्माण में वास्तु का ध्यान रखा जाता है, लेकिन फिर भी अगर कोई दोष रह जाता है तो आप गणेशजी की प्रतिमा या चित्र लगाकर घर में बिना तोड़-फोड़ के गणेश जी की कृपा से वास्तु दोष का निवारण कर सकते हैं।
Ganesh Chaturthi 2020: भगवान गणेश की आराधना से दूर होते हैं वास्तुदोष
दूर होगा वास्तुदोष
यदि आपके घर के ड्राइंगरूम में किसी भी प्रकार का वास्तुदोष है तो यहां गणेश जी की ऐसी प्रतिमा लगाएं जिसमें गणपति तकिये पर एक हाथ का सहारा लेकर लेटे हुए नजर आते हैं। कलाकृति के तौर पर इसे यहीं रखें ,पूजाघर में नहीं रखें। लेकिन गणेश जी की प्रतिमा लगाते वक्त एक बात का हमेशा ध्यान रहे कि कभी भी इनका मुख दक्षिण या नैऋत्य में न हो अन्यथा परिणाम विपरीत हो सकते हैं।
संगीत या शिक्षा में सफलता के लिए
नृत्य करते हुए गणेशजी की प्रतिमा देखने में बहुत मनमोहक लगती है। बड़े उदर और भारी भरकम शरीर में नृत्य करते हुए भी वे बड़े आकर्षक लगते हैं। यदि कला, संगीत या इससे संबंधित कोई अन्य शिक्षा के प्रयोजन से पूजन करना हो तब डांसिंग गणेश की प्रतिमा या तस्वीर का पूजन करना लाभकारी है।
आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए
मूषक या चूहे पर खड़े गजानन की प्रतिमा साहस, शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है।जिन व्यक्तियों में साहस और आत्मविश्वास की कमी हो या किसी विशिष्ट व्यक्ति से बात करने में झिझक लगती हो तो उन्हें अपने घर या कार्यस्थल पर इस तरह की प्रतिमा लगाने से लाभ होगा।गणेश जी का यह रूप ऐसा आशीर्वाद देता है कि मूषक जैसा प्राणी भी हर तरह के भार को सहन कर सकता है। कृषक वर्ग के लोगों को, जिनके खेत में चूहे फसलों को नुकसान पहुँचाते है उनके लिए इस मुद्रा के गणेश का पूजन उत्तम है।
सिंहासन पर बैठे हुए गणेश की प्रतिमा जिनकी सूंड बांयी ओर मुड़ी होती है, पूजाघर में रखी जानी चाहिए। इनकी पूजा से घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है। भवन के ब्रह्मस्थान, ईशान कोण या पूर्व दिशा में बैठे हुए सुखकर्ता की मूर्ति या चित्र लगाना चाहिए। इसे बहुत शुभ माना जाता है इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।